देहरादून

मंदिर के गर्भगृह में असलहा लेकर पहुंचे यूपी के आला अधिकारी,  यहां पीएम की सुरक्षा में भी नहीं गए शस्त्र

Weapons In The Temple : यूपी के एक आला अधिकारी उत्तराखंड के जागेश्वर धाम के गर्भगृह में गनर और आधुनिक असलहे के साथ पहुंचे तो हड़कंप मच गया। पुजारियों ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी से लेकर सीएम पुष्कर सिंह धामी तक की सुरक्षा में इस मंदिर के गर्भगृह तक असलहा नहीं गया। उन्होंने मंदिर के भीतर असलहा ले जाने पर सख्ती से रोक लगाने की मांग उठाई है।

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Apr 21, 2026
यूपी के अधिकारी का गनर असलहा लेकर जागेश्वर मंदिर के गर्भगृह में पहुंचा

Weapons In The Temple : यूपी के बरेली के आला अधिकारी गनर सहित उत्तराखंड के जागेश्वर धाम के गर्भगृह में पहुंच गए। ये मामला सोमवार का है। बताया जा रहा है कि यूपी के  एक जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी रविवार को ही जागेश्वर धाम पहुंच गए थे। इससे पहले वह रविवार को एक रिजॉर्ट में ठहरे हुए थे। सोमवार सुबह भोग पूजा के बाद वह आला अधिकारी जागेश्वर मंदिर पहुंचे। उनके साथ सरकारी गनर भी मौजूद था। गनर आधुनिक असहले से लैस था। मंदिर समिति की महिला पीआरडी कर्मचारी ने गनर को असलहा भीतर ले जाने से मना किया। बताया जा रहा है कि उसके बाद भी गनर आधुनिक असलहा सहित अधिकारी के साथ मंदिर के गर्भगृह में पहुंच गया था। मंदिर के भीतर असलहा ले जाने की घटना का पुजारी और क्षेत्रीय लोग विरोध कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि भला मंदिर के भीतर किसे कैसे खतरा हो सकता है। लोगों ने मंदिर के गर्भगृह में असलहा ले जाने पर पूर्ण रूप से पाबंदी लगाने की मांग उठाई है। साथ ही श्रद्धालुओं को जागरुक करने के लिए मंदिर के बाहर चेतावनी और नोटिस बोर्ड भी चस्पा करने की मांग उठाई है।  

एसपीजी भी नहीं ले गई असलहा

पीएम नरेंद्र मोदी 2023 में जागेश्वर धाम आए थे। उनकी सुरक्षा को देखते हुए पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील किया गया था। बड़ी बात ये है कि उनकी सुरक्षा में तैनात एसपीजी भी मंदिर के गर्भगृह में असलहा लेकर नहीं गई थी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जागेश्वर बाबा से काफी लगाव है। वह हर साल यहां पूजा अर्चना के लिए आते हैं। उनके सुरक्षा कर्मी भी असलहे लेकर मंदिर के गर्भगृह में नहीं जाते हैं। असलहे वाले सुरक्षा कर्मियों को मंदिर प्रवेश द्वार पर खड़ा कर दिया जात है।

वीआईपी कल्चर हो बंद

जागेश्वर धाम में श्रद्धालुओं की तादात में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। सालाना लाखों भक्त बाबा के इस धाम में शीश नवाने पहुंचते हैं। लेकिन धाम में वीआईपी कल्चर भी खूब पनप रहा है। देश के विभन्न राज्यों से आने वाले नेता और अफसर मंदिर में वीआईपी ही बनकर पूजा करते हैं। स्थानीय लोगों ने मंदिर में वीआईपी सिस्टम ही खत्म करने की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि वीआईपी हो या आम श्रद्धालु सभी के लिए नियम एक समान होने चाहिए।

एएसआई की संरक्षित स्मारक

जागेश्वर मंदिर समूह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की संरक्षित स्मारक है। इस मंदिर समूह का संरक्षण एएसआई करती है। मंदिर में बगैर इजाजत वीडियोग्राफी पर भी रोक है। एएसआई ने सुरक्षा कारणों को देखते हुए मंदिर में असलहा ले जाने पर भी रोक लगा रखी है। बावजूद कई वीआईपी और नेता लाव लस्कर के साथ मंदिर पहुंचते हैं और परिसर तक आसानी से असलहे ले जाते रहते हैं। अब एएसआई मंदिर परिसर के बाहर बोर्ड चस्पा करने की तैयारी में है।

Updated on:
21 Apr 2026 12:56 pm
Published on:
21 Apr 2026 12:53 pm
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