UBSE Result: उत्तराखंड बोर्ड ने 10वीं और 12वीं के रिजल्ट घोषित कर दिए हैं, जिसमें 12वीं में दो छात्राओं ने 500 में 490 अंक लाकर संयुक्त रूप से टॉप किया है। इस बार 92.10% छात्र पास हुए, जबकि लड़कियों ने एक बार फिर बेहतर प्रदर्शन करते हुए बाजी मारी है।
UBSE Result 2026:उत्तराखंड बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (UBSE) ने 25 अप्रैल 2026 को कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम आधिकारिक रूप से घोषित कर दिए। इस घोषणा के साथ ही राज्य के लाखों छात्रों का इंतजार समाप्त हो गया। परीक्षार्थी अब आसानी से ऑनलाइन माध्यम से अपना रिजल्ट देख सकते हैं, जिसमें उनका नाम, रोल नंबर, जन्म तिथि, विषयवार अंक, कुल अंक, डिविजन और अंतिम परिणाम जैसी महत्वपूर्ण जानकारी शामिल है।
इस वर्ष इंटरमीडिएट (12वीं) के परिणामों में दो छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया। बागेश्वर की गीतिका पंत और ऊधम सिंह नगर की सुशीला मेहंदीरत्ता ने 500 में से 490 अंक प्राप्त कर पूरे प्रदेश में टॉप किया। दोनों छात्राओं की इस उपलब्धि ने न केवल उनके स्कूल बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया।
इस बार भी लड़कियों ने परीक्षा में अपना दबदबा कायम रखा। कुल पास प्रतिशत 92.10% रहा, जिसमें बालिकाओं का पास प्रतिशत 96.07% दर्ज किया गया, जो बालकों के 88.03% से काफी अधिक है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि राज्य में बेटियां लगातार शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं और नई मिसाल कायम कर रही हैं।
उत्तराखंड बोर्ड के अनुसार इस वर्ष कुल 1,12,266 छात्रों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था। इनमें से 1,08,983 छात्र परीक्षा में शामिल हुए और 1,00,373 परीक्षार्थी सफल घोषित किए गए। यह सफलता दर राज्य की शिक्षा व्यवस्था और छात्रों की मेहनत को दर्शाती है।
बोर्ड परीक्षा में पास होने के लिए छात्रों को प्रत्येक विषय में कम से कम 33% अंक प्राप्त करना अनिवार्य होता है। यदि कोई छात्र इस सीमा से कम अंक प्राप्त करता है तो उसे असफल घोषित किया जाता है। इसके अलावा छात्रों की उपस्थिति भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिससे उनकी नियमित पढ़ाई सुनिश्चित की जाती है।
कक्षा 12वीं की परीक्षाएं 21 फरवरी 2026 से शुरू होकर 20 मार्च 2026 तक चलीं, जबकि कक्षा 10वीं की परीक्षाएं 23 फरवरी से प्रारंभ हुई थीं। बोर्ड ने पूरे राज्य में परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सख्त सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था लागू की थी, जिससे परीक्षा प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सकी।