Uttarakhand Rudranath Dham: उत्तराखंड के पवित्र रुद्रनाथ धाम के कपाट 6 महीने के लिए श्रद्धालुओं हेतु खोल दिए गए। वैदिक मंत्रोच्चार और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों के बीच भक्तों ने भगवान शिव के मुख स्वरूप के दर्शन किए। प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं।
उत्तराखंड के रुद्रनाथ धाम में सोमवार को आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। पंचकेदारों में शामिल चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के कपाट विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही पूरा धाम ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गूंज उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
उत्तराखंड के पवित्र हिमालयी क्षेत्र में स्थित रुद्रनाथ धाम के कपाट सोमवार दोपहर 12:45 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलने के अवसर पर मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया। वैदिक मंत्रों, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच जैसे ही मंदिर के द्वार खुले, श्रद्धालुओं ने ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से पूरा वातावरण गुंजायमान कर दिया।
भगवान रुद्रनाथ की उत्सव डोली 17 मई को गोपीनाथ मंदिर से विशेष पूजा के बाद धाम के लिए रवाना हुई थी। यात्रा के दौरान डोली विभिन्न पड़ावों से होते हुए रविवार को लुल्टी बुग्याल पहुंची। तय परंपराओं और धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए सोमवार को मंदिर के कपाट खोले गए। पंचकेदारों में रुद्रनाथ धाम का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि यहां भगवान शिव के मुख स्वरूप की पूजा होती है। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु कठिन पहाड़ी रास्तों को पार कर बाबा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भक्तों का विश्वास है कि यहां सच्चे मन से पूजा करने पर विशेष आध्यात्मिक फल प्राप्त होता है।
कपाट खुलने के साथ ही अब अगले छह महीने तक धाम में नियमित पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ग्रीष्मकाल के दौरान मई से अक्टूबर तक यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खुला रहता है। जबकि सर्दियों में भगवान रुद्रनाथ की पूजा गोपीनाथ मंदिर में की जाती है।
मंदिर के मुख्य पुजारी हरीश भट्ट ने श्रद्धालुओं से शांतिपूर्वक अनुशासन के साथ यात्रा करने की अपील की। वहीं, यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रशासन और पुलिस ने भी व्यापक इंतजाम किए हैं। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा बढ़ाई गई है। श्रद्धालुओं से स्वच्छता व पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखने को कहा गया है।