
Akhilesh Yadav Jewar Airport statement:नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) का नाम बदलकर ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नोएडा-जेवर’ रखने के फैसले पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर एयरपोर्ट का नामकरण करने का प्रस्ताव मंजूर किया है। विपक्ष ने इस फैसले पर तीखा हमला बोला है, जबकि सत्ताधारी पक्ष इसे विकास और कृतज्ञता का प्रतीक बता रहा है।
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने देवरिया में कहा कि ऐसे मामलों का फैसला सरकार का है। लेकिन भारतीय और सनातनी परंपरा में जीवित व्यक्ति के नाम पर स्मारक, एयरपोर्ट या अन्य जगहों का नामकरण नहीं होता। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार अपनी सत्ता फिसलती महसूस कर रही है, इसलिए निकलते वक्त दूसरे के नाम इन परियोजनाओं से जोड़ रही है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि इस सरकार के पास जनता के लिए कोई वास्तविक उपलब्धि नहीं है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने लखनऊ में कहा कि 30 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत से बने इस एयरपोर्ट का नाम बदलने से इसकी या देश की किस्मत नहीं बदलेगी। उन्होंने बारिश के दौरान एयरपोर्ट के जलमग्न होने का जिक्र करते हुए पूछा कि हजारों करोड़ की जनता की गाढ़ी कमाई से बने इस एयरपोर्ट से उत्तर प्रदेश के युवाओं को कितने रोजगार मिले? राज्य को क्या फायदा हुआ?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश कैबिनेट प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करती है, जिन्होंने राज्य को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसी सौगात दी। यह उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनेगा और भविष्य में देश का सबसे बड़ा एविएशन हब बनेगा। कैबिनेट ने इसे ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नोएडा-जेवर’ नाम देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के पास 25 साल का प्रशासनिक अनुभव है। उन्होंने ईमानदारी, सेवाभाव और समर्पण के साथ देश की प्रगति, समृद्धि और भाईचारे के लिए काम किया है। योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को प्रधानमंत्री के सपनों का राज्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह फैसला स्पष्ट संदेश देता है।