
IAS दिव्या मित्तल (फोटो- Instagram/@divyamittal_IAS)
Divya Mittal IAS Resignation: उत्तर प्रदेश की चर्चित और लोकप्रिय IAS अधिकारी दिव्या मित्तल के अचानक इस्तीफे ने प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी से लेकर सियासत और आम जनता तक सभी को हैरान कर दिया है। राजस्व विभाग में विशेष सचिव बनने से पहले दिव्या मित्तल करीब 2 साल तक देवरिया की DM रही थीं। उनके इस्तीफे की घोषणा के बाद देवरिया जिले में उनकी कार्यशैली और पुराने किस्सों की खूब चर्चा हो रही है और वे इंटरनेट पर पूरी तरह छा गई हैं।
दिव्या मित्तल जब देवरिया की DM थीं तब उनके काम करने के बेबाक अंदाज से लोग काफी प्रभावित थे। उनके इस्तीफे के बाद देवरिया का एक वाकया सबसे ज्यादा याद किया जा रहा है। एक बार दिव्या मित्तल रुद्रपुर और बरहज क्षेत्र में बाढ़ के हालात का जायजा लेने पहुंची थीं। उस समय बहुत तेज धूप थी। जब वह अधिकारियों के साथ निरीक्षण कर रही थीं तो ADM ने उन्हें धूप का हवाला देते हुए बैठकर बात करने का आग्रह किया। इस पर दिव्या मित्तल ने बेबाकी से जवाब दिया कि, "अरे यार धूप ही तो है, पिघल थोड़े जाएंगे।" उनका यह अंदाज सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था।
इसके अलावा सलेमपुर तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस का उनका एक और वीडियो काफी चर्चा में रहा था। जनता की फरियाद सुनते समय जब एक मामले में लापरवाही सामने आई तो उन्होंने तुरंत एक्शन लेते हुए एक लेखपाल को सस्पेंड कर दिया था और कानूनगो को भी नोटिस थमा दिया था। उनके इस कड़े तेवर की भी जिले में खूब तारीफ और चर्चा हुई थी।
देवरिया में DM रहने के दौरान उनका एक विवाद भी काफी सुर्खियों में रहा था। 3 जुलाई, 2025 को कलेक्ट्रेट में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक चल रही थी। बैठक में बरहज विधायक दीपक मिश्र शाका ने एक शिक्षिका के वेतन का मामला उठाया। BSA ने विधायक पर तबादले के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया। जब MLC देवेंद्र प्रताप सिंह ने मामला शांत कराने की कोशिश की तो DM दिव्या मित्तल ने शासनादेश का हवाला देते हुए दो टूक कह दिया था कि, किसी भी जनप्रतिनिधि को किसी अधिकारी पर तबादले के लिए दबाव बनाने का अधिकार नहीं है। उनके इस बयान के बाद जिले में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।
गौरतलब है कि अधिवक्ताओं के आंदोलन के बाद 14 जुलाई, 2024 को IAS दिव्या मित्तल को देवरिया का DM बनाया गया था। करीब 2 साल बाद 6 मई, 2026 को उनका तबादला राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर कर दिया गया। तबादले के पीछे बरहज के एक अधिवक्ता की मृत्यु के मामले में प्रशासन की देरी को भी कारण माना गया था लेकिन शासन की तरफ से इसका कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। अब उनके अचानक इस्तीफे के बाद उनके कार्यकाल के किस्से खूब चर्चा में हैं।
Updated on:
31 Aug 2026 07:31 pm
Published on:
31 Aug 2026 07:31 pm
