CG Accident: सड़कों में मवेशियों के कब्जे को लेकर पत्रिका ने 1 जुलाई सोमवार को शहर के वार्डों से लेकर नेशनल हाइवे तक पड़ताल की।
CG Accident: धमतरी शहर के वार्डो से लेकर नेशनल हाइवे तक सड़कों में मवेशियों का कब्जा हो गया है। इन मवेशियों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही। पिछले दो दिनों में दो युवकों की मवेशियों से टकराकर मौत हो गई। इस घटना को लेकर शहर में भी आक्रोश देखा जा रहा है। इधर जिमेदार नगर निगम और ग्राम पंचायत इस ओर कोई कार्रवाई नहीं कर रही। नियमत: शहरी क्षेत्र में नगर निगम और ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायतों को आवारा मवेशियों को लेकर कार्रवाई करनी है। 29 जून को रूद्री थाना के सामने एक युवक की गाय से टकराकर मौत हो गई।
30 जून को रूद्री थाने से 3.5 किमी दूर लक्ष्मी निवास गोकुलपुर के पास प्रवीण ठाकुर पिता भोजू ठाकुर स्टेशन पारा निवासी की गाय से टकराकर मौत हो गई। रक्तदान एंबुलेंस के शिवा प्रधान ने घायल को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। गंभीर चोट के कारण कुछ देर में प्रवीण की मौत हो गई। दोनों ही युवक अपने परिवार के इकलौते पुत्र थे। सड़कों में मवेशियों के कब्जे को लेकर पत्रिका ने 1 जुलाई सोमवार को शहर के वार्डों से लेकर नेशनल हाइवे तक पड़ताल की।
दोनों ही स्थानों में आवारा, पालतू मवेशियाें का कब्जा मिला। पशु मालिक गाय का दूध निकालकर खुला छोड़ दे रहे। अनेक डेयरी संचालक भी ऐसा ही कर रहे। वहीं आवारा मवेशियों पर नगर निगम द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने से सड़कों में ही इनका डेरा जमा रहता है। सबसे बुरी स्थित शहर से गुजरे नेशनल हाइवे और अंबेडकर चौक से रूद्री चौक तक थी। जगह-जगह मवेशी सड़क पर बैठे थे। वाहन चालकों को भी दूर से गाड़िया मोड़नी पड़ रही थी।
राजनैतिक इच्छाशक्ति में कमी के चलते गोकुलनगर अब तक नहीं बस सका। नगर निगम धारा-133 की कार्रवाई भी कम कर दी है। शहरहित को लेकर अधिकारी जिमेदार दिख रहे और न ही क्षेत्र के जनप्रतिनिधि। गोकुलनगर बसने से सड़कों में मवेशियों के कब्जे सहित गोबर की गंदगी से भी छुटकारा मिलेगा। डेयरी संचालक 15 रूपए वर्ग फीट में जमीन मांग रहे। नगर निगम ने पहले इस जमीन की कीमत 100 रूपए तय की थी। निगम ने भी संचालकों की मांग को लेकर 50 रूपए वर्ग फीट कर दी है फिर भी संचालक जाना नहीं चाहते।
आवारा मवेशियों की समस्या को लेकर नगर निगम धमतरी ने 10 साल पहले ही अलग से काउ केचर टीम बनाई है। यह टीम जब कोई हादसा होता है या इनके पास समय रहता है तब ही निकलती है। अधिकारी भी इसकी मॉनिटरिंग नहीं कर रहे। शहर के जागरूक युवाओं ने कहा कि यदि निगम की काउ केचर टीम नियमित सड़कों में बैठे मवेशियों को पकड़ने का अभियान चलाती है तो निश्चित रूप से समस्या का समाधान निकलेगा। पशु पालकों की भी जिमेदारी है कि वे दूध निकालने के बाद पशुओं को खुले में छोड़कर दूसरों की परेशानी न बढ़ाएं।
डीएसपी मणीशंकर चंद्रा का कहना है कि सड़कों से मवेशियों को हटाने की जिमेदारी निगम, संबंधित पंचायत की है। फिर भी हम सहयोग को लेकर इस दिशा में भी काम करते हैं। जिन दो स्थानों में दुर्घटनाएं हुई है। वहां गति नियंत्रण को लेकर स्टापर भी लगवा दिए हैं।
ज्यादातर दुर्घटनाओं में मौत सिर पर गंभीर चोट लगने की वजह से होती है। बाइक चालक हेलमेट से दूर होते जा रहे हैं। इधर शहर के भीतर स्पीड 30 किमी प्रतिघंटा निर्धारित है। मनचले युवक शहर के भीतर ओवरस्पीड बाइक दौड़ाते अक्सर देखे जाते हैं। यातायात डीएसपी मणीशंकर चंद्रा ने कहा कि स्पीड कंट्रोल और सिर पर हेलमेट हो तो अधिकांश मौतों को रोका जा सकता है। पुलिस विभाग भी जल्द इस ओर जागरूकता अभियान चलाएग
महापौर विजय देवांगन का कहना है कि मवेशी मालिकों से निगम अपील करती है कि वे खुले में मवेशी न छोड़े। डेयरी संचालक जल्द गोकुलनगर में शिट हो। संचालकों ने गोकुलनगर की जमीन 15 रूपए वर्गफीट में मांगी है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिए हैं। शासन संचालकों के रेट को स्वीकार करती है तो बाद में अंतर की राशि भी लौटा देंगे। पुलिस विभाग के साथ कार्रवाई के संबंध में सार्थक चर्चा हुई है।