धमतरी

नई व्यवस्था लागू! 5000 से ज्यादा बकाया पर घर बैठे कट रहा कनेक्शन, धमतरी में 686 घरों की बिजली कटी

CG Electricity News: नई व्यवस्था के तहत बकाया बिजली बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन अब स्मार्ट मीटर के माध्यम से ऑनलाइन काटे जा रहे हैं।

2 min read
Mar 10, 2026
बकायादारों के ऑनलाइन काटे जा रहे बिजली कनेक्शन (File photo Patrika)

CG Electricity News: छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड द्वारा जिले में अब बिजली खपत की ऑनलाइन मॉनिटरिंग शुरू हो गई है। नई व्यवस्था के तहत बकाया बिजली बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन अब स्मार्ट मीटर के माध्यम से ऑनलाइन काटे जा रहे हैं। पहले 5000 रुपये से अधिक बकाया होने पर उपभोक्ताओं को नोटिस देकर बिल जमा कराने के लिए कहा जाता था। भुगतान नहीं करने की स्थिति में कर्मचारी मौके पर पहुंचकर कनेक्शन विच्छेद करते थे, लेकिन अब यह प्रक्रिया स्मार्ट तकनीक से की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, धमतरी संभाग में करीब 2 लाख बिजली उपभोक्ता हैं। स्मार्ट बिजली मीटर योजना के तहत यहां 1 लाख 80 हजार 740 स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। इनमें से अब तक 96 हजार 640 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप के माध्यम से बिजली बिल भेजा जा रहा है। साथ ही घर पहुंच सेवा भी जारी है।

ये भी पढ़ें

Good News: विद्युत कर्मचारियों को हवाई यात्रा दुर्घटना में 100 लाख तक का कवरेज बीमा, ये सुविधाएं भी मिलेंगी, देखें

प्री-पेड स्मार्ट मीटर प्रणाली जल्द लागू की जा सकती है

स्मार्ट मीटर का सर्वर विद्युत विभाग में फीड है, जहां से बिजली खपत की निगरानी की जा रही है। सीएसईबी के ईई अनिल कुमार सोनी ने बताया कि प्री-पेड स्मार्ट मीटर प्रणाली जल्द लागू की जा सकती है, जिसके लिए ट्रायल चल रहा है। उन्होंने बताया कि फरवरी में 5000 रुपये से अधिक बकाया वाले 869 उपभोक्ताओं को सूचना देकर बिल जमा कराने के लिए कहा गया था। इनसे विभाग को 86 लाख रुपये की वसूली करनी थी। 686 उपभोक्ताओं के कनेक्शन ऑनलाइन काटे गए, जिससे 62 लाख रुपये की वसूली की गई।

1470 बकायादारों की सूची जारी

ईई ने बताया कि 5000 रुपये से अधिक और कम बकाया वाले कुल 1470 उपभोक्ताओं की सूची तैयार की गई थी। इनमें से 582 घरों के बिजली कनेक्शन स्मार्ट मीटर के पुशअप बटन के माध्यम से ऑनलाइन काटे गए हैं। उन्होंने बताया कि अब कनेक्शन काटने के लिए कर्मचारियों को घर-घर जाने की जरूरत नहीं है। उपभोक्ताओं के बीपी नंबर और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर विभाग के सर्वर में सुरक्षित हैं, जिससे इंटरनेट कनेक्टिविटी के माध्यम से सीधे ऑनलाइन कार्रवाई की जा सकती है।

Updated on:
10 Mar 2026 07:37 pm
Published on:
10 Mar 2026 07:36 pm
Also Read
View All

अगली खबर