धमतरी

संविदा कर्मियों पर गिरी गाज, नोटिस देने के बाद भी नहीं लौटे काम पर तो कर दिया बर्खास्त

नोटिस देने के बाद भी काम पर नहीं लौटने के कारण जिला और जनपद पंचायतों द्वारा करीब दर्जनभर कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है।
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Updated: 5 Aug 2018, 2:01 PM IST
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संविदा कर्मियों पर गिरी गाज, नोटिस देने के बाद भी नहीं लौटे काम पर तो कर दिया बर्खास्त

उल्लेखनीय है कि नियमितीकरण और संविदा पालिसी का निर्धारण करने, समान काम, समान वेतन देने समेत अन्य मांगों को लेकर शासकीय विभागों में कार्यरत करीब 4 हजार से अधिक संविदा कर्मचारी हड़ताल में है। जिसके चलते मनरेगा, राजीव गांधी शिक्षा मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, मुख्यमंत्री कौशल विकास विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, लोकपाल समेत अन्य विभागों में कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो गया है।

यहां फाइलें भी आगे नहीं बढ़ पा रही है। इसके अलावा पीएम आवास योजना समेत अन्य योजनाओं का क्रियान्वयन भी ठीक से नहीं हो पा रहा है। इसलिए शासन ने संविदा कर्मचारियों पर नकेल कसना शुरू कर दिया है। उन्हें बर्खास्त करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों तक पहुंच गया है। इसलिए वे अब कर्मचारियों को नोटिस थमा रहे हैं।

सूत्रों की माने तो जिला पंचायत और जनपंद पंचायतों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को जल्द काम पर नोटिस दिया गया था, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। सूत्रों के अनुसार अंकिता ठाकुर, रोहित साहू, गिरीश चंद्रा, नरेन्द्र कुमार बंदे, दीपक सोनी समेत अन्य कर्मचारियों को सेवा समाप्त करने का नोटिस थमाया गया है।

सीईओ जिला पंचायत के रितेश अग्रवाल ने बताया शासन के निर्देश पर हड़ताली संविदा कर्मचारियों को जल्द काम पर लौटने का नोटिस दिया गया है। जवाब नहीं मिलने पर उनके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की जा रही है।

रायपुर में आंदोलनरत संविदा कर्मचारियों का कहना है कि उनके आंदोलन को तोडऩे के लिए शासन-प्रशासन द्वारा बर्खास्तगी की कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई से उनका जोश और बढ़ गया है। अपना अधिकार लेकर रहेंगे। जब तक मांगें पूरी नहीं होती काम पर वापस नहीं लौटेंगे।

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