Dhamtari News: धमतरी जिले ने कृषि क्षमता और प्रशासनिक मुस्तैदी का लोहा मनवाते हुए अब तक 97 हजार क्विंटल चने की खरीदी पूरी कर ली है। प्रारंभिक लक्ष्य 1 लाख क्विंटल रखा गया है,जिसमें वर्तमान स्थिति लक्ष्य के करीब होने के बावजूद खरीदी निरंतर जारी है।
Dhamtari News: राज्य में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना को धरातल पर उतारने में धमतरी जिला एक मॉडल बनकर उभरा है। सहकारी क्षेत्र को मजबूती देने वाली केंद्र और राज्य शासन की इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत धमतरी ने न केवल भंडारण बुनियादी ढांचे में विस्तार किया है, बल्कि चना खरीदी के क्षेत्र में नया इतिहास रचते हुए पूरे प्रदेश को पीछे छोड़ दिया है।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एनसीसीएफ रायपुर द्वारा जिले की चार प्रमुख प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) को गोदाम हायरिंग एश्योरेंस लेटर जारी कर दिए गए हैं। अंवरी, कोसमर्रा, पोटियाडीह (अमदी) और कोलियारी समितियों में अत्याधुनिक भंडारण व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। प्रत्येक गोदाम की क्षमता 2500 मीट्रिक टन होगी, जिसे विशेष रूप से चने के वैज्ञानिक भंडारण के लिए तैयार किया जा रहा है।
धमतरी जिले ने कृषि क्षमता और प्रशासनिक मुस्तैदी का लोहा मनवाते हुए अब तक 97 हजार क्विंटल चने की खरीदी पूरी कर ली है। प्रारंभिक लक्ष्य 1 लाख क्विंटल रखा गया है,जिसमें वर्तमान स्थिति लक्ष्य के करीब होने के बावजूद खरीदी निरंतर जारी है। पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में हुई कुल चना खरीदी का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा अकेले धमतरी जिले से दर्ज किया गया है।
केंद्र सरकार द्वारा 31 मई 2023 को शुरू की गई इस योजना का मुख्य उद्देश्य गांवों में ही पैक्स के माध्यम से भंडारण, प्रोसेसिंग यूनिट और कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करना है। इससे न केवल परिवहन लागत में कमी आएगी, बल्कि भंडारण के अभाव में होने वाली अनाज की बर्बादी पर भी लगाम लगेगी।
भारत सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य सहकारी समितियों के माध्यम से गांव स्तर पर गोदाम, प्रोसेसिंग यूनिट और कस्टम हायरिंग सेंटर विकसित करना है। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और वैज्ञानिक भंडारण व्यवस्था के जरिए नुकसान कम किया जा सकेगा।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि धमतरी जिले ने चना खरीदी और भंडारण व्यवस्था में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। यह उपलब्धि किसानों की सक्रिय भागीदारी, सहकारी समितियों की मेहनत और प्रशासन की सतत निगरानी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास किसानों को बेहतर बा