Murder Case 2024: धमतरी शहर में चाकूबाजी की घटना आम होते जा रही है। आए दिन छोटी-छोटी बातों पर चाकू घोंप दिया जा रहा। समाज के लिए चिंता बने चाकूबाजी से फिर एक घर का रोशन बुझ गया।
CG Murder News: धमतरी में शनिवार रात इतवारी बाजार के पास कोष्टापारा निवासी रोशन पटेल खड़ा था। पुरानी रंजिश को लेकर रामसागर तालाब के पास रहने वाले 17 साल के नाबालिक बालक ने रोशन पर चाकू बटंची से वार कर दिया। आरोपी बालक ने पहला वार पसली के नीचे किया। इसके बाद 2 वार और कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल को तत्काल जिला अस्पताल लाया गया।
गंभीर स्थिति को देख प्राइवेट अस्पताल रेफर किया गया। जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने धारा 103(1) बीएनएस के तहत अपचारी बालक पर कार्रवाई की है। रविवार सुबह जांच अधिकारी टीआई राजेश मरई टीम के साथ घटना स्थल पहुंचे। हत्या का डेमो कराकर जरूरी साक्ष्य जुटाए गए। शाम 5.30 बजे मामले का पुलिस ने खुलासा किया। बता दें कि 14 जुलाई को मृतक रोशन पटेल का जन्मदिन था। एक दिन पहले हुई मौत से परिवार में शोक की लहर है।
चाकूबाजी की घटना तो पूरे जिले में चल रहा। इतवारी बाजार क्षेत्र में चाकूबाजी की यह दूसरी घटना है। इसके पूर्व रंगदारी को लेकर कुछ युवकों ने कपड़ा व्यापारी पर चाकू चला दिया था। 13 जुलाई को फि र इसी क्षेत्र में रोशन की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई। 7 दिन पहले देवश्री टॉकीज में कुछ युवकों ने 2 भाइयों पर चाकू चलाते हुए जमकर पिटाई कर दी थी। इसके पूर्व कुकरेल में नगरी के एक ड्राइवर की चाकू मारकर हत्या की गई थी। धमतरी शहर में पूर्व में भी बटंची मारकर हत्या करने की घटना हो चुकी है। लगातार घटना से लोगों में भी दहशत देखा जा रहा है।
धमतरी जिले में हत्या, आत्महत्या सहित दुर्घटनाओं में लगातार जान जा रही है। पिछले 6 महीने में ही जिला अस्पताल में 100 से अधिक पोस्टमार्टम हुए है। इसमें हत्या, आत्महत्या, सड़क दुर्घटना, आकाशीय बिजली सहित अन्य मामले शामिल है।
धमतरी में बटंची का क्रेज सा बन गया है। सबसे ज्यादा नाबालिक ही जेब में बटंची रखकर चल रहे। पुलिस अब इस ओर पहल करने जा रही। डीएसपी नेहा पवार ने कहा कि चाकूबाजी की घटनाओं में शामिल रहने वाले नाबालिकों की सूची तैयार कर पालकों को समझाइश दी जाएगी। साथ ही अड्डेबाजी करने वालेएअसामाजिक तत्वों की सूची बनाकर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
शहर की आबादी लगभग डेढ़ लाख हो गई है। अपराध पर अंकुश लगाने पुलिस के पास पर्याप्त स्टाफ भी नहीं है। इतने बड़े कोतवाली में वर्तमान में 2 ही एएसआई हैं। कोतवाली में कम से कम 12 एएसआई रहना चाहिए। इसी तरह एसआई के 4 पोस्ट होने चाहिए। वर्तमान में एक भी एसआई नहीं है। विवेचकों की कमी से ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है। 2 एसआई छुट्टी पर है। नए कानून के तहत अब कार्रवाई की जा रही है। इसमें वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी सहित गवाहों के तत्काल बयान आदि कार्रवाई भी करनी पड़ रही है। स्टॉफ की कमी के कारण ही कोतवाली का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। उच्च अधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे।