धमतरी

Dhamtari Encroachment: अतिक्रमण हटाया तो फिर लौटे लोग! 19 आरोपियों पर नया वन्यप्राणी अपराध, 166 की जमानत भी संकट में

Encroachment Case: धमतरी के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में अतिक्रमण हटाने के बाद दोबारा वन क्षेत्र में घुसने का मामला सामने आया है। 18 अगस्त को करीब 60-70 लोगों के पुनस्र्थापित वन क्षेत्र में प्रवेश करने के साक्ष्य मिले हैं।
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Updated: 31 Aug 2026, 1:42 PM IST
Chhattisgarh News
19 आरोपियों पर नया वन्यप्राणी अपराध (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Udanti Sitanadi Tiger Reserve: उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (यूएसटीआर) में हटाए गए अतिक्रमण और पुनर्स्थापित वन क्षेत्र में दोबारा अतिक्रमण की कोशिश ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। 18 अगस्त को करीब 60-70 लोगों के वन क्षेत्र में दोबारा प्रवेश कर अतिक्रमण और वन्यजीव आवास को नुकसान पहुंचाने के मामले में 19 चिह्नित आरोपियों के खिलाफ नया वन्यजीव अपराध दर्ज किया गया है। यूएसटीआर ने मौके की फोटो-वीडियोग्राफी, ड्रोन फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों और कोटवार के बयान सहित अन्य साक्ष्य जुटाए हैं।

जैतपुरी अतिक्रमण मामले में पहले ही 166 लोगों के खिलाफ वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण तथा वन एवं वन्यजीव आवास को नुकसान पहुंचाने के संबंध में पीओआर क्रमांक 15/10, 15/11, 15/12 एवं 15/13 दर्ज किए गए थे। इनमें 126 आरोपियों को उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत मिली थी, जबकि गिरफ्तार 40 आरोपियों को नगरी न्यायालय से जमानत मिली थी। उच्च न्यायालय के 10 जुलाई 2026 के आदेश में आरोपियों को भविष्य में इसी प्रकार का अपराध नहीं करने की शर्त पर जमानत दी गई थी।

मौके पर पकड़ा गया एक आरोपी

पुनर्स्थापित वन क्षेत्र में दोबारा प्रवेश की घटना के बाद यूएसटीआर ने पीओआर क्रमांक 15/16 एवं 15/17 के तहत वन्यजीव अपराध दर्ज किया है। साथ ही लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई है। ग्राम जैतपुरी निवासी परमेश वट्टी, पिता निर्मल वट्टी को मौके पर पकड़ा गया। वन अपराध में प्रयुक्त औजार और हथियार जब्त किए गए। घटना की फोटो-वीडियोग्राफी के साथ ड्रोन फुटेज भी जुटाई गई। चश्मदीद गवाहों और कोटवार के बयान के आधार पर संबंधित लोगों की पहचान की गई है।

यूएसटीआर ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर 126 आरोपियों की अग्रिम जमानत और 40 गिरफ्तार आरोपियों की नियमित जमानत को चुनौती देने की तैयारी शुरू कर दी है। न्यायालय में पूर्व अतिक्रमण (Dhamtari News) , उसे हटाने, वन क्षेत्र के पुनर्स्थापन तथा जमानत के बाद दोबारा अतिक्रमण और क्षति से जुड़े साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएंगे।

दोबारा घुसे तो नया अपराध, जमानत भी संकट में

यूएसटीआर ने साफ कर दिया है कि अतिक्रमण हटाना कार्रवाई का अंतिम चरण नहीं है। पुन: वन क्षेत्र में प्रवेश, खेती या निर्माण, वनस्पति हटाने अथवा वन्यजीव आवास को नुकसान पहुंचाने का प्रयास सामने आने पर नया पीओआर दर्ज किया जाएगा। साथ ही संबंधित आरोपियों की जमानत अथवा अग्रिम जमानत निरस्त कराने के लिए न्यायालय में कार्रवाई की जाएगी।

रिजर्व क्षेत्र में निगरानी और साक्ष्य संकलन भी बढ़ाया जा रहा है। स्थल निरीक्षण, फोटो-वीडियोग्राफी, जियो-रेफरेंस्ड साक्ष्य और तकनीकी माध्यमों से नए उल्लंघनों की निगरानी की जा रही है। यूएसटीआर ने स्पष्ट किया है कि पुनर्स्थापित वन्यजीव आवास को दोबारा अतिक्रमण के कारण नष्ट नहीं होने दिया जाएगा।

Updated on:
31 Aug 2026, 1:42 PM IST
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