
धमतरी. दोस्ती का रिश्ता रूह से जुड़ा होता है। इस रिश्ते में जो मिठास है, उसकी बात ही कुछ और है। एक सच्चा दोस्त वह होता है, जो अपने दूसरे दोस्त के सुख और दुख में समान रूप से सहभागी बने। एक-दूसरे के लिए दिल में मोहब्बत के साथ ही कुछ भी कर गुजरने का जज्बा भी हो।
यह कहना है कि संकल्प मंच के युवा अध्यक्ष मनीष चन्द्राकर का। उल्लेखनीय है कि शहर में पिछले दो दशक से सतीश तिवारी, मनीष चन्द्राकर, राजकुमार मुंजवानी, प्रकाश पवार, संजू वाहिले, सुनील अग्रवाल, तिहारू राम सिन्हा, राधेश्याम, अजय महाडिक़, अजय गोस्वामी, चन्द्रविजय गजेन्द्र और नितिन राठौड़ की दोस्ती काफी प्रसिद्ध है। किसी भी सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यों में ये सभी बढ़-चढक़र हिस्सा लेते हैं।
संकल्प मंच संस्था के माध्यम से इन्होंने कई रचनात्मक कार्यों को अंजाम दिया है। शायद यही वजह है कि इनकी दोस्ती की मिसाल दी जाती है। सतीश तिवारी ने बताया कि दोस्ती की पहली शर्त आपस में सम्मान और विश्वास है और यह हमारी ग्रुप के सभी दोस्तों में कूट-कूटकर भरा हुआ है। प्रकाश पवार कहते हैं कि हम सब खुशनसीब है कि जिन्हें सुख और दुख में एक-दूसरे का साथ मिलता है। राजकुमार मुंजवानी का कहना है कि हमारी दोस्ती खुदा का सबसे बड़ा ईनाम है।
संजीव वाहिले का मानना है कि दोस्ती एक पवित्र रिश्ता है। इसे किसी शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। तिहारू राम सिन्हा की सोच है कि दोस्ती एक खूबसुरत अहसास है, जिसकी खुशबू रोमांचित करती है। चन्द्रविजय गजेन्द्र, विष्णु गिलहरे, नितिन राठौड़ का कहना है कि हम सभी दोस्त एक-दूसरे पर अपनी जान छिडक़ते हैं। आपसी समन्वय होने के कारण ही हमारी दोस्ती समय के साथ ही और मजबूत होते जा रही है।
उल्लेखनीय है कि अपनी दोस्ती को और गहरा रंग देने के लिए ये हर सुबह एक निर्धारित स्थान पर मिलते हैं। चाय-नाश्ता करने के बाद खूब गपशप मारते हैं। फिर अपने-अपने काम में लग जाते है। सप्ताह में एक दिन वे कोशिश करते हैं कि सभी परिवार एक जगह इक_ा हो। साल में कई बार पिकनिक मनाने के लिए संयुक्त रूप से जाते है।