
सहकारी बैंक घोटाले में EOW की एंट्री (photo source- Patrika)
EOW Raid: भारतमाला परियोजना से जुड़े बहुचर्चित मुआवजा घोटाले की जांच में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। EOW की टीम ने धमतरी में ठेकेदार दीपेश गांधी के निवास और कार्यालय पर एक साथ छापेमारी की। दो वाहनों में पहुंचे करीब एक दर्जन अधिकारियों और कर्मचारियों ने सुबह से ही दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी।
सूत्रों के अनुसार, जांच दल जमीन अधिग्रहण, मुआवजा वितरण और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन के दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल कर रहा है। टीम विभिन्न रिकॉर्ड, फाइलों और अन्य दस्तावेजों का मिलान कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मुआवजा प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता तो नहीं हुई।
गौरतलब है कि इसी मामले में लगभग एक माह पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी धमतरी और कुरूद क्षेत्र में गांधी परिवार से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस दौरान जांच एजेंसी ने लाखों रुपये मूल्य के जेवरात, वाहन और जमीन से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए थे।
मामले में ED ने जय प्रकाश गांधी को गिरफ्तार कर पूछताछ की थी। बाद में उन्हें न्यायालय में पेश कर रिमांड पर भेजा गया। जांच एजेंसियां लगातार इस मामले से जुड़े आर्थिक लेनदेन और संपत्तियों की जानकारी जुटा रही हैं।
सूत्रों की मानें तो भारतमाला मुआवजा घोटाले की जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। इस मामले में एक पूर्व मंत्री के भाई का नाम भी जांच एजेंसियों के रडार पर है। एजेंसियां मुआवजा वितरण, जमीन खरीद-बिक्री और कथित वित्तीय अनियमितताओं के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही हैं।
धमतरी में EOW की इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर भारतमाला मुआवजा घोटाला सुर्खियों में आ गया है। जांच एजेंसियों की लगातार कार्रवाई से संकेत मिल रहे हैं कि मामले में आने वाले दिनों में कई अहम खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल EOW की टीम दस्तावेजों की जांच और तथ्यों के सत्यापन में जुटी हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की तस्वीर साफ हो पाएगी।
Updated on:
16 Jun 2026, 3:31 PM IST
Published on:
16 Jun 2026, 12:51 PM IST
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