
Raipur Land Scam: अब 24 करोड़ की बेनामी संपत्तियां होंगी नीलाम(photo-patrika)
Chhattisgarh ED Raid: भारतमाला घोटाले में ED का बड़ा एक्शन! कारोबारी जयप्रकाश गांधी गिरफ्तार, दो दिन की रिमांडछत्तीसगढ़ के चर्चित भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पहली गिरफ्तारी की है। जांच एजेंसी ने अभनपुर निवासी कारोबारी जयप्रकाश गांधी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे दो दिन की रिमांड पर भेज दिया गया।
ईडी का दावा है कि परियोजना के तहत जमीन अधिग्रहण और मुआवजा वितरण में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। मामले में पहले ही मुख्य आरोपी हरमीत सिंह खनूजा समेत कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। अब रिमांड के दौरान कई अहम खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है।
जयप्रकाश गांधी की गिरफ्तारी से एक दिन पहले ईडी ने मामले के मुख्य आरोपी हरमीत सिंह खनूजा समेत चार लोगों के खिलाफ विशेष न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि भारतमाला परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं। ईडी के अनुसार किसानों को मिलने वाली मुआवजा राशि में हेराफेरी कर करोड़ों रुपये का लाभ उठाया गया। आरोप है कि किसानों को वास्तविक मुआवजे की पूरी राशि नहीं दी गई और बड़ी रकम बीच में ही निकाल ली गई।
इस मामले की जांच के दौरान ईडी ने 27 अप्रैल को अभनपुर में जयप्रकाश गांधी के घर पर छापेमारी की थी। टीम ने सबसे पहले उसके भाई गोपाल गांधी के निवास की जांच की और इसके बाद जयप्रकाश गांधी तथा सत्यप्रकाश गांधी के घरों पर भी कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान एजेंसी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, बैंकिंग रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेज मिले थे। जांच अधिकारियों का मानना है कि इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की गई।
ईडी की कार्रवाई केवल अभनपुर तक सीमित नहीं रही। जांच एजेंसी ने रायपुर, धमतरी और दुर्ग जिले के कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की थी। इन स्थानों से भी जमीन सौदों और मुआवजा भुगतान से जुड़े दस्तावेज जुटाए गए। इसके बाद ईडी अधिकारी नीरज कुमार ने अभनपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई, जिसके आधार पर मामले की जांच को आगे बढ़ाया गया।
जांच एजेंसी ने हरमीत सिंह खनूजा को पूरे मामले का मुख्य आरोपी माना है। ईडी का आरोप है कि उसने कुछ जमीन दलालों और राजस्व विभाग से जुड़े लोगों के साथ मिलकर फर्जीवाड़े की योजना बनाई। जांच में सामने आया है कि किसानों की जमीन खरीदने के बाद कई दस्तावेजों में कथित तौर पर बैक डेट में नाम दर्ज कराए गए। नामांतरण, भुगतान रसीद और अन्य राजस्व अभिलेखों में भी अनियमितताओं की आशंका जताई गई है।
ईडी के आरोपों के अनुसार कुछ मामलों में किसानों को वास्तविक मुआवजा राशि का केवल एक हिस्सा दिया गया, जबकि शेष रकम कथित तौर पर अन्य लोगों के पास पहुंच गई। जांच एजेंसी इस बात की पड़ताल कर रही है कि मुआवजा राशि का प्रवाह किन-किन खातों और व्यक्तियों तक पहुंचा। यही कारण है कि मामले को आर्थिक अपराध और धन शोधन के दृष्टिकोण से भी जांचा जा रहा है।
चार अन्य आरोपियों की भूमिका भी जांच के दायरे में ईडी की जांच में हरमीत सिंह खनूजा के अलावा खेमराज कोसले, पुनउराम देशलहरे और कुंदन बघेल के नाम भी सामने आए हैं। एजेंसी ने इन सभी को आरोपी बनाया है और उनकी भूमिका की विस्तृत जांच जारी है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ और दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद इस मामले में और भी लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है।
जयप्रकाश गांधी से रिमांड अवधि के दौरान जमीन खरीद-बिक्री, मुआवजा वितरण, वित्तीय लेनदेन और अन्य आरोपियों से संबंधों को लेकर विस्तृत पूछताछ की जाएगी। ईडी यह जानने की कोशिश करेगी कि कथित घोटाले की पूरी साजिश कैसे तैयार की गई और इसमें किसकी क्या भूमिका रही।
भारतमाला परियोजना देश की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में से एक है। ऐसे में उससे जुड़े मुआवजा घोटाले के आरोपों ने प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर भी हलचल बढ़ा दी है। अब सभी की नजर ईडी की आगे की कार्रवाई और जांच के निष्कर्षों पर टिकी हुई है। यदि जांच में आरोप साबित होते हैं, तो आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां तथा बड़े खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
Updated on:
04 Jun 2026 05:53 pm
Published on:
04 Jun 2026 05:53 pm
