Ganesh Chaturthi 2023 : धर्म की नगरी धमतरी में गणेशोत्सव की धूम है।
धमतरी।Ganesh Chaturthi 2023 : धर्म की नगरी धमतरी में गणेशोत्सव की धूम है। शहर में जगह-जगह सार्वजनिक उत्सव समितियों की ओर से भगवान श्रीगणेश की नयनाभिराम प्रतिमा स्थापित कर सुंदर झांकियां सजाई गई है। इसमें आमापारा के बनिया तालाब में स्थित गणेशजी और चन्द्रयान की झांकी को देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंच रहे है। शाम ढलते ही यहां श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।
ग्यारह दिवसीय गणेशोत्सव को लेकर धमतरी में धर्ममय वातावरण निर्मित हो गया है। जगह-जगह सार्वजनिक गणेशोत्सव समितियों द्वारा प्रतिमा स्थापित कर सुबह-शाम विशेष आराधना कर रहे हैं। शहर में एक ऐसी भी उत्सव समिति हैं, जो तालाब में प्रतिमा स्थापित कर हर साल नयनाभिराम झांकी सजाते हैं। इस साल भी आमापारा के बनिया तालाब में सत्यम गणेशोत्सव समिति द्वारा तालाब में भगवान श्रीगणेश जी स्थापित की है। तालाब के किनारे से करीब 65 फीट दूर पानी में स्टेज सजाकर चन्द्रयान की झांकी सजाई है।
करीब 15 फीट ऊंचे तथा 7 फीट चौड़ाई वाले यह चन्द्रयान की झांकी देखते ही बन रही है। इसे देखने के लिए शहर समेत दूर-दराज गांवों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। गौरतलब है कि यहां सत्यम गणेशोत्सव समिति की ओर से पिछले 16 सालों से बनिया तालाब के 12 फीट गहरे पानी में गणेशजी स्थापित करते आ रहे हैं।
समिति के अध्यक्ष शैलेन्द्र नाग, उमेश नाग, दिनेश पटेल, पप्पू पटेल, विकास साहू, जीवेश साहू ने बताया कि इसके पहले शहर की ज्वलंत समस्या को देखते हुए बाइपास सड़क की झांकी बनाई थी। इसके अलावा स्वच्छता को लेकर जागरूक करने एक कदम स्वच्छता की ओर झांकी सजाया था। पीएम आवास, समुद्र मंथन, रामसेतु की झांकी सजा चुके है।
ऐसे बदला मन
समिति के कार्यकर्ता उत्तम सिन्हा, दीपक सिन्हा, पदुम पटेल ने बताया कि 16 साल पहले उनकी समिति तालाब के किनारे गणेशजी स्थापित करते थे। बड़ी मेहनत कर पंडाल सजाते थे, लेकिन इसे देखने श्रद्धालु नहीं पहुंच पाते थे। इसे लेकर समिति के कार्यकर्ता भी उदास हो जाते थे। तब से लेकर अब तक नवाचार करते हुए बनिया तालाब के गहरे पानी में नयनाभिराम झांकी सजा रहे हैं। आज धमतरी में इसे तरिया के गणेश के नाम से ख्याति मिली है। धमतरी के साथ ही पड़ोसी जिले दुर्ग, बालोद, कांकेर, महासमुंद, रायपुर जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां गणेशजी का दर्शन करने पहुंचते हैं।