धमतरी

स्वास्थ्य विभाग सिर्फ नोटिस दे रहा और सोनोग्राफी सेंटर संचालक कर रहे मनमानी, नहीं लगा रहे एंटी ट्रेकर डिवाइस

Dhamtari news : जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का सबसे पसंद खेल नोटिस-नोटिस है। वे कार्रवाई क रते नहंी और नोटिस देकर फाइलों का वजन बढ़ाते रहते हैं। ताजा मामला सोनोग्राफी सेंटर संचालकों से जुड़ा है। इन्हें एंटी ट्रैकर डिवाइस लगानी थी लेकिन कई ने अभी तक नहीं लगाई। अधिकारी फिर वही नोटिस देने में व्यस्त हैं।  
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Updated: 9 Dec 2022, 1:44 PM IST
स्वास्थ्य विभाग सिर्फ नोटिस दे रहा और सोनोग्राफी सेंटर संचालक कर रहे मनमानी, नहीं लगा रहे एंटी ट्रेकर डिवाइस
File Photo

धमतरी. Dhamtari news : धमतरी जिले में मरीजों को आवश्यक सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से शासन की ओर से जिला अस्पताल और कुरुद में सोनोग्राफी सेंटर संचालित किया जा रहा है। इसके अलावा 19 जगहों पर निजी सोनोग्राफी सेंटर संचालित हो रहे है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार इन सेंटरों में गर्भ में नवजात शिशु का भ्रूण जांच करना दंडनीय अपराध माना गया है। साथ ही संचालकों को पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट का कड़ाई से पालन करना है। इसके तहत सभी संचालकों को एंटी ट्रैकर डिवाइस भी लगाना है, लेकिन जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन कराने में लापरवाही बरत रहे हैं। यही कारण है सोनोग्राफी सेंटरों में मानकों के अनुसार न तो स्टाफ कार्यरत है और नही पूर्ण प्रशिक्षित।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से निर्देश जारी करने के बाद भी कुछ सेंटर संचालक विभागीय वेबसाइट में ऑनलाइन जानकारी भी अपडेट नहीं कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें नोटिस जारी किया गया है। गुरूवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोनोग्राफी सेंटरों का जायजा लिया। उन्होंने यहां विभिन्न बिंदुओ पर जांच पड़ताल भी की। बताया गया है कि खामी पाए जाने वाले सेंटरों में संचालकाें को आवश्यक सुधार करने की हिदायत दी गई है। उधर सूत्रों की मानें तो धमतरी जिले में कुल 21 सोनोग्राफ सेंटर संचालित हैं। नियमानुसार सेंटरों में प्रशिक्षित स्टाफ से ही सेवा लेना है, लेकिन देखा जा रहा है कि कई सेंटरों में अप्रशिक्षित स्टाफ से काम लिया जा रहा है।

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