CG Ganja Smuggling: CG Ganja Smuggling: धमतरी के सांकरा नाका पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कार से 27.5 लाख रुपये का गांजा जब्त किया। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है।
CG Ganja Smuggling: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में सिहावा क्षेत्र के सांकरा नाका पर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक कार से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया है। जब्त किए गए गांजे की कीमत करीब 27.5 लाख रुपये बताई जा रही है। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे सघन जांच अभियान के तहत 4 मई 2026 को सांकरा नाका पर वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान मैनपुर की ओर से आ रही रेनॉल्ट डस्टर (MH 45 AD 9001) को रोककर तलाशी ली गई। वाहन में सवार तीन व्यक्तियों की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पूछताछ की गई।
तलाशी के दौरान कार की डिक्की से 38 पैकेटों में भरा कुल 54 किलो 970 ग्राम गांजा बरामद किया गया। इसकी अनुमानित कीमत करीब 27,50,000 रुपये आंकी गई है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे यह गांजा ओडिशा के बलांगीर से खरीदकर महाराष्ट्र के नासिक ले जा रहे थे।
तीनों आरोपियों के खिलाफ थाना सिहावा में अपराध क्रमांक 38/26 के तहत धारा 20(बी) एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बोरई, कुन्दई (ओडिशा) और विश्रामपुरी (कोंडागांव) ट्राई-जंक्शन क्षेत्र में अंतरराज्यीय समन्वय को मजबूत किया गया है। पुलिस द्वारा यहां विशेष सतर्कता बरती जा रही है, जिससे तस्करी के नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
पुलिस अधीक्षक ने नाकों पर तैनात अधिकारियों को हर वाहन की बारीकी से जांच करने और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। इसी रणनीति के तहत यह बड़ी सफलता मिली है।
गौरतलब है कि 15 दिन पहले भी सांकरा चेक पोस्ट पर सिहावा पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 127.09 किलो गांजा जब्त किया था। उस दौरान करीब 72.71 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति भी जब्त की गई थी, जिसमें वाहन, मोबाइल और नकदी शामिल थे।
लगातार हो रही कार्रवाइयों से यह स्पष्ट है कि पुलिस अब तस्करी के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए गंभीर है। सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है और अंतरराज्यीय समन्वय को और मजबूत किया जा रहा है।