धमतरी

मांगों को लेकर मिड-डे -मील वर्कर्स ने किया प्रदर्शन, 1500 प्रदर्शनकारियों ने दी गिरफ्तारी

मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर मध्यान्ह भोजन कर्मचारियों ने शहर में जंगी रैली निकाल कर कलक्ट्रेट का घेराव किया।
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Updated: 10 Aug 2018, 1:36 PM IST
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मांगों को लेकर मीड-डे -मील वर्कर्स ने किया प्रदर्शन, 1500 प्रदर्शनकारियों ने दी गिरफ्तारी

धमतरी. छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर मध्यान्ह भोजन कर्मचारियों ने शहर में जंगी रैली निकाल कर कलक्ट्रेट का घेराव किया। उन्होंने केन्द्र और राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा सरकारों की मजदूर विरोधी नीतियों की जमकर भत्र्सना की। इस बीच मजदूरों का पुलिस के साथ झूमा-झटकी भी हुई।

कलक्ट्रेट में किया प्रदर्शन
उल्लेखनीय है कि सीटू के बैनरतले पिछले 3 अगस्त से मध्यान्ह भोजन कर्मचारी संघ आंदोलन कर रहा है। इस बीच रोजाना स्कूलों के समक्ष धरना देकर प्रदर्शन करते रहे, लेकिन राज्य सरकार द्वारा उनकी मांगों पर किसी तरह की कोई पहल नहीं की गई। गुरूवार को मजदूरों का आक्रोश सडक़ पर उतर आया। दोपहर 12 बजे दानीटोला स्थित देवांगन समाज भवन में मजदूरों ने जंगी आमसभा की। इसके बाद उन्हेांने करीब 4 किमी पदयात्रा करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और यहां जमकर प्रदर्शन किया।

15 सौ प्रदर्शनकारियों किया गिरफ्तार
गौरतलब है कि महिला मजदूरों के तेवर को देखते हुए रूद्री पुलिस प्रशासन ने पहले से ही कलक्ट्रेट परिसर के द्वार में घेराबंदी कर दी। अस्थायी बेरिकेट्स लगाकर मजदूरों को दूर से ही रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस का मंसूबा पूरा नहीं हुआ। आक्रोशित मजदूरों ने अस्थायी बेरिकेट्स को तोड़ते हुए मुख्य द्वार में पहुंच गए। यहां मजदूरों को आगे बढऩे से रोकने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस बीच मजदूरों का महिला पुलिस जवानों के साथ झूमा-झटकी भी हुई।

इसके बाद करीब 15 सौ प्रदर्शनकारियों ने अपनी गिरफ्तारी दी। बाद में पुलिस ने उन्हें तत्काल छोड़ भी दिया। प्रदर्शनकारियों में मजदूर नेता समीर कुरैशी, मणीराम देवांगन, महेश शांडिल्य, गंगा विश्वकर्मा, अनुसुईया कंडरा, अहिल्या ध्रुव, सरला शर्मा, गजेन्द्र देवांगन, पुरूषोत्तम साहू, भारत देवांगन, पलटू साहू, शैलेन्द्री देवांगन, तामेश्वरी देवांगन, कांति देवांगन, जयंती देवांगन समेत बड़ी संख्या में मध्यान्ह भोजन और बीड़ी श्रमिक शामिल थे।

मजदूर विरोधी है सरकार
माकपा के राज्य सचिव कामरेड संजय पराते ने कहा कि केन्द्र और राज्य में बैठी भाजपा सरकार मजदूरी विरोधी है, जिसके चलते आज स्कूलों में बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन बना रही महिलाओं को उनका हक नहीं मिल रहा है। बीड़ी श्रमिकों का भी यही हाल है। उन्होंने आगे कहा कि केन्द्र और राज्य सरकारें मजदूर परस्त न होकर मालिक परस्त बन गई है, इसलिए हर वर्ग के मजदूरों को आज शोषण का शिकार होना पड़ रहा।

करेंगे संसद मार्च
कामरेड अजीत लाल ने कहा कि प्रदेश और देश के निर्माण की प्रथम कड़ी मजदूर हैं, लेकिन सरकार की गलत नीतियों के चलते मजदूरों की आज सबसे ज्यादा दयनीय स्थिति है। उन्होंने ऐलान किया कि अब जिले के मजदूर 14 अगस्त से सामूहिक जन जागरण करेंगे। इसके बाद 5 सितंबर को दिल्ली में संसद मार्च करेंगे

Updated on:
10 Aug 2018, 1:36 PM IST
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