CG News: अस्पताल में एक डाक्टर ने ही अतिकमजोर मरीज को अस्पताल में भर्ती करने से इंकार कर दिया। मरीज ओपीडी के सामने पुराने गार्डन के पास पेड़ के नीचे लेट गया। इसी समय पत्रिका का रिपोर्टर अस्पताल पहुंचा।
CG News: डाक्टरों को धरती का भगवान कहा जाता है। बीमार मरीज को यदि समय पर इलाज मिल जाए तो उसे नया जीवन मिल जाता है। ऐसे मरीज हाथ जोड़कर डाक्टरों को दुआ भी देते हैं। सोमवार को जिला अस्पताल में एक डाक्टर ने ही अतिकमजोर मरीज को अस्पताल में भर्ती करने से इंकार कर दिया। मरीज ओपीडी के सामने पुराने गार्डन के पास पेड़ के नीचे लेट गया। इसी समय पत्रिका का रिपोर्टर अस्पताल पहुंचा। कलारतराई निवासी सुंदरी बाई मारकंडे ने आपबीती बताई।
सुंदरी बाई ने बताया कि उनके पति भगवती मारकंडे (50) काफी कमजोर हो गए हैं। खुद से चल भी नहीं पा रहे। अस्पताल में इलाज के लिए लाई हूं, लेकिन डाक्टर आज छुट्टी है कहकर मंगलवार को आने के लिए कह रहे। पति की यहीं नींद भी लग गई है। आप ही मदद कर दीजिए। पत्रिका के रिपोर्टर ने तत्काल सीएमएचओ डॉ यूएल कौशिक से बात की।
उन्हाेंने अस्पताल के वार्ड ब्वाय से उनकी बात कराने कहा। इस वक्त गेट के पास महेन्द्र देवांगन मौजूद थे। रिपोर्टर ने अपने मोबाइल से वार्ड ब्वाय की सीएमएचओ से बात कराई। इसके बाद वार्ड ब्वाय ने पुरूष वार्ड में भगवती मारकंडे को भर्ती किया, जहां उसका इलाज चल रहा है।