Water Ambulance Service in CG: जिला प्रशासन की पहल पर गंगरेल बांध क्षेत्र में वाटर एंबुलेंस सेवा शुरू की गई है, जिससे 32 गांवों के लोगों को समय पर इलाज मिल सकेगा।
Water Ambulance Service: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के डुबान प्रभावित और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच अब आसान हो गई है। जिला प्रशासन की पहल पर गंगरेल बांध क्षेत्र में वाटर एंबुलेंस सेवा शुरू की गई है, जिससे 32 गांवों के लोगों को समय पर इलाज मिल सकेगा। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की इस पहल को डुबानवासियों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
पहले जहां ग्रामीणों को अस्पताल पहुंचने के लिए करीब 50 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी, वहीं अब जलमार्ग से यह दूरी घटकर सिर्फ 7 किलोमीटर रह गई है। वाटर एंबुलेंस के जरिए यह सफर महज 45 मिनट में पूरा किया जा सकेगा, जिससे आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को तुरंत चिकित्सा सुविधा मिल पाएगी।
इस सेवा से चिखली, माटेगहन, मोंगरागहन, मोंगरी, उरपुटी, कोड़ेगांव बी, कोड़ेगांव रैय्यत समेत 32 गांवों के ग्रामीणों को सीधा फायदा मिलेगा। लंबे समय से ये गांव बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित थे, लेकिन अब स्थिति में बड़ा बदलाव आएगा।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने डुबान क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे जीवन बदलने वाला कदम बताया।
पहाड़ी, जंगल और उबड़-खाबड़ रास्तों के कारण पहले मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना बेहद मुश्किल होता था। कई बार गंभीर मरीजों को इलाज मिलने में देरी हो जाती थी। अब वाटर एंबुलेंस के माध्यम से आपातकालीन सेवाएं तेज और प्रभावी हो जाएंगी।
जिला प्रशासन का उद्देश्य दूरस्थ और डुबान क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी बेहतर और समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इस दिशा में वाटर एंबुलेंस सेवा एक महत्वपूर्ण कदम है, जो ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार लाने में मदद करेगी।वर्षों से स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे डुबान क्षेत्र के लोगों के लिए यह सेवा किसी वरदान से कम नहीं है। अब समय पर इलाज मिलने से न केवल जान बचाई जा सकेगी, बल्कि ग्रामीणों में स्वास्थ्य के प्रति भरोसा भी बढ़ेगा।
जिला प्रशासन की इस अभिनव पहल से यह स्पष्ट हो गया है कि सही योजना और प्रयास से दूरस्थ क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान संभव है। वाटर एंबुलेंस सेवा से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा, बल्कि यह अन्य जिलों के लिए भी एक मॉडल साबित हो सकती है।