
(पत्रिका ब्यूरो,रांची): धनबाद में झारखंड विकास युवा मोर्चा नेता रंजीत सिंह की हत्या के खिलाफ बुधवार को झाविमो के अलावा अन्य विपक्षी दलों द्वारा आहूत धनबाद बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला।
झाविमो के धनबाद जिलाध्यक्ष ज्ञान रंजन सिन्हा और रमेश राही के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्त्ता रणधीर वर्मा चौक पर एकत्रित हुए और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस बंद को कांग्रेस समेत अन्य दलों के नेताओं ने बंद का समर्थन किया था। प्रदर्शनकारी एसएसपी को पद से हटाने और हत्यारों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। बंद के दौरान कुछ इलाकों में दुकानें एवं व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे।
इधर, धनबाद के एसएसपी मनोज चोथे ने बताया कि झावियुमो के नेता रंजीत सिंह ने रंगदारी मांगे जाने की शिकायत की थी। आवेदन में जिस नंबर से धमकी मिलने की बात कही गयी थी, उसका लोकेशन ट्रेस करने का आदेश तकनीकी सेल को दिया गया है। रंजीत की हत्याकांड मामले में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं।
गौरतलब है कि झावियुमो नेता रंजीत सिंह ने मंगलवार सुबह ही धनबाद के एसएसपी से मुलाकात की और उन्हें बताया कि जेल में बंद गैंग्स ऑफ वासेपुर उनसे पांच लाख रुपए की रंगदारी मांग रहा है और उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। एसएसपी से शिकायत के दो घंटे बाद ही शाम पांच बजे उनकी कार पर फायरिंग हुई, जिसमें चार गोली रंजीत को लगी। रंजीत की मौत हो गई जबकि उनका चालक मुन्ना घायल हो गया। झावियुमो नेता रंजीत सिंह की हत्या के बाद से ही पार्टी कार्यकर्ताओं और रंजीत समर्थकों में आक्रोश व्याप्त है। वह इस मामले के आरोपियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे है।