
आत्मघाती कदम (photo source- Patrika)
झारखंड के हजारीबाग स्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में चिकित्सीय लापरवाही का एक मामला सामने आया है। प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक गर्भवती महिला की ऑपरेशन थिएटर (OT) की टेबल से गिरने के बाद मौत हो गई। परिवार ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को जिम्मेदार ठहराया है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ हुई और सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
हजारीबाग सदर थाना क्षेत्र के कहानी बाजार की रहने वाली चांदनी कुमारी सोमवार रात प्रसव पीड़ा के कारण अस्पताल पहुंची थीं। उन्हें ऑपरेशन थिएटर (OT) में ले जाया गया, जहां बेड से फर्श पर गिरने से उन्हें गंभीर चोटें आईं। परिवार का आरोप है कि OT में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था और डिलीवरी केवल नर्सों द्वारा संभाली जा रही थी। गिरने के बाद परिजनों ने उन्हें जबरन एक निजी अस्पताल ले जाया, जहां डॉक्टरों ने चांदनी को मृत घोषित कर दिया और अंदर का बच्चा भी नहीं बचा। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल लौटकर हंगामा किया और तोड़फोड़ की। एक परिवार सदस्य ने कहा कि अगर OT में डॉक्टर होते, तो चांदनी और उसके बच्चे की जान बच जाती।
अस्पताल प्रबंधन के पक्ष से हजारीबाग के सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने स्पष्ट किया कि मरीज को अस्पताल में भर्ती किया गया था और उनकी डिलीवरी होने वाली थी। उन्होंने आरोप लगाया कि परिजनों ने ठीक से देखभाल नहीं की, जिसके कारण मरीज टेबल से गिर गईं। डॉ. कुमार ने आगे कहा कि परिवार ने उन्हें जबरन निजी अस्पताल ले जाकर बड़ी गलती की, क्योंकि अगर वे यहीं रहतीं तो शायद उनकी जान बच जाती। इसके अलावा, परिवार ने पोस्टमॉर्टम की अनुमति नहीं दी और शव को घर ले गए, जिससे जांच में बाधा उत्पन्न हुई।
पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। यह घटना सरकारी अस्पतालों में चिकित्सीय सुविधाओं और स्टाफ की कमी पर सवाल उठाती है।
Updated on:
3 Nov 2025, 5:21 PM IST
Published on:
3 Nov 2025, 5:21 PM IST
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