Bhojshala Verdict: 6 अप्रैल से लगातार चल रही थी भोजशाला मामले की हाईकोर्ट में सुनवाई, हाईकोर्ट ने भोजशाला को माना मंदिर, नमाज की अनुमति निरस्त की।
Bhojshala Verdict: मध्यप्रदेश के धार की भोजशाला को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने बड़ा फैसला सुनाते हुए भोजशाला को वाग्देवी का मंदिर माना है। 6 अप्रैल से लगातार हाईकोर्ट में भोजशाला मामले को लेकर सुनवाई हो रही थी और शुक्रवार को कोर्ट ने बड़ा फैसला लेते हुए भोजशाला को मंदिर माना। हाईकोर्ट ने 230 से अधिक पेज की रिपोर्ट में ये फैसला दिया है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि ऐतिहासिक साक्ष्यों को ध्यान में रखा गया है, भोजशाला संस्कृत शिक्षा का केन्द्र था। कोर्ट के फैसले के बाद हिंदू संगठनों में जश्न का माहौल है और वो खुशियां मना रहे हैं।
हाईकोर्ट के जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच ने हिंदू, मुस्लिम और जैन तीनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद भोजशाला के मंदिर होने का फैसला सुनाया है। अपने फैसले में हाईकोर्ट ने कहा कि हमने भोजशाला पर हिंदू पूजा-अर्चना की निरंतरता और राज भोज से जुड़े ऐतिहासिक साहित्य को देखा जिससे भोजशाला के देवी सरस्वती को समर्पित एक मंदिर के अस्तित्व का संकेत देता है।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट जाने का ऐलान कर दिया है। धार शहर काजी वकार सादिक ने कहा कि हम हाईकोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं और इसकी समीक्षा करेंगे, इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में आगे की प्रक्रिया की जाएगी, फिलहाल हमारे अधिवक्ता विस्तृत फैसले का अध्ययन कर रहे हैं।