
BRICS Summit 2026: नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में लगे मध्य प्रदेश के धार जिले के बाग प्रिंट के स्टाल पर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान (Iran President Masoud Pezeshkian) की बेटी जहरा (Zahra Pezeshkian) ने भारतीय पारंपरिक हस्तशिल्प कला में अपनी रुचि दिखाते हुए बाग प्रिंट शिल्पकार मोहम्मद बिलाल खत्री एवं काजिम खत्री के स्टॉल का अवलोकन किया।
इस दौरान जहरा ने हस्तनिर्मित बाग प्रिंट वस्त्रों (Bagh Print Clothes) और उनकी कलात्मक बारीकियों को देखा। उन्होंने उत्सुकता और बारीकी के साथ यह सवाल पूछा कि बाग प्रिंट में काला रंग कैसे तैयार होता है? और प्राकृतिक सामग्रियों से रंग बनाने की पारंपरिक वैज्ञानिक प्रक्रिया को समझा। कला के प्रति अपने लगाव को दशति हुए उन्होंने स्वयं अपने हाथों से लकड़ी के पारंपरिक ठप्पे (ब्लॉक) को रंग में डुबोकर कपड़े पर बाग प्रिंट की छपाई का प्रत्यक्ष अनुभव लिया। जहरा इस अद्वितीय और जीवंत कला-प्रक्रिया तथा प्राकृतिक रंगों की मौलिकता से अत्यधिक प्रभावित नजर आई।
जहरा के इस आत्मीय और कला-प्रेमी रवैये से अभिभूत राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित मोहम्मद बिलाल खत्री ने उनका अभिनंदन किया। उन्होंने जहरा को पारंपरिक बाग प्रिंट का अंगवस्त्र (अंगवस्त्रम) भेंट स्वरूप प्रदान किया। भारतीय वस्त्र परंपरा, कलात्मकता और इस आत्मीय सम्मान को पाकर वे बेहद प्रसन्न हुई।
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit 2026) के 'ब्रिक्स बाजार' में धार की इस ऐतिहासिक धरोहर को राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता मोहम्मद बिलाल खत्री और राज्य स्तरीय पुरस्कार विजेता मोहम्मद काजिम खत्री लाइव डेमोंस्ट्रेशन (जीवंत प्रदर्शन) के माध्यम से वैश्विक मंच पर प्रस्तुत कर रहे है। सम्मेलन में भाग लेने आए विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों और उच्चस्तरीय विदेशी प्रतिनिधियों ने भी खत्री बंधुओं के स्टॉल का दौरा किया। प्रतिनिधियों ने न केवल इस कला की सराहना की, बल्कि विशेष रूप से तैयार किए गए 'ब्रिक्स' लोगो वाले लकड़ी के ब्लॉक्स से स्वयं कपड़े पर ठप्पे लगाकर इसे यादगार के रूप में अपने साथ ले गए।
प्राकृतिक रंगों और बारीक नक्काशीदार लकड़ी के ब्लॉक्स से तैयार होने वाला बाग प्रिंट हमेशा से प्रदेश की पहचान रहा है। 'ब्रिक्स बाजार' में बाजील, रूस, चीन, साउथ अफ्रीका, वियतनाम, ईरान कजाखस्तान, इंडोनेशिया, मलेशिया, बेलारूस और इथियोपिया जैसे देशों से आए शिल्पकारों और अतिथियों के बीच बाग प्रिंट ने अपनी विशेष पहचान स्थापित की।