
प्राचीन ग्रंथों के अनुसार आषाढ़ में वर्षा ऋतु की शुरुआत हो जाती है। इसी के साथ रोग और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही यह जप तप का महीना है। इसलिए आषाढ़ के नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। इस महीने में अधिक जल वाले फलों जैसे- तरबूज, खरबूजे का सेवन करना चाहिए, जबकि ज्यादा तली भुनी, बासी चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए। साथ ही आषाढ़ के महीने में विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ शुभ होता है और एकादशी, अमावस्या और पूर्णिमा तिथि पर छाता, खड़ाऊ, आंवले, आम, खरबूजे, फल, मिठाई, दक्षिणा आदि से गरीबों जरूरतमंदों को संतुष्ट करना चाहिए। इससे पुण्य मिलता है।
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आषाढ़ में रोज सुबह पूजा करते समय नीचे दिए गए इन मंत्रों का जाप करना चाहिए। इनसे नकारात्मक विचारों से मुक्ति मिलता है और जीवन में धन धान्य की कमी नहीं होती।