
Bhagwan shiv Mantra: सनातन धर्म मेंभगवान शिवको त्रिलोकी, महादेव, शंकर और कैलाश पति अनेक नामों से जाना जाता है। इसके साथ ही इनका दर्जा सभी देवों में श्रेष्ठ है। इसीलिए इनको देवों के देव महादेव कहा जाता हैं। भगवान शिव की खासकर सोमवार के दिन पूजा की जाती है। क्योंकि सोमवार का दिन इनको समर्पित माना जाता है। आइए आज हम आपको भगवान शिव के उन मंत्रों के बारे में बताएंगे, जो आपकी पूजा को सफल और पूर्ण करेंगे।
महामृत्युंजय मंत्र: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
इस मंत्र का जाप जीवन में आयु वृद्धि, रोगों से मुक्ति और भय निवारण के लिए किया जाता है।
शिव पंचाक्षर मंत्र: ॐ नमः शिवाय
यह सबसे सरल और प्रभावी मंत्र है। इसे जापने से मन शुद्ध होता है और आत्मिक शांति प्राप्त होती है।
शिव गायत्री मंत्र: ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
यह मंत्र बुद्धि और आत्मबल को बढ़ाने में सहायक होता है।
श्री रुद्राय नमः
श्री शंकराय नमः
श्री शिवाय नमः
श्री महेश्वराय नमः
श्री सांबसदाशिवाय नमः
ओम पार्वतीपतये नमः
ओम नमो नीलकण्ठाय नमः
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
शिवलिंग पर गंगाजल, कच्चा दूध और शुद्ध जल अर्पित करें।
शिवलिंग पर बेलपत्र, सफेद फूल, भस्म और चंदन चढ़ाएं।
धूप और दीप जलाकर भगवान शिव की आरती करें।
पूजन के दौरान निम्न मंत्रों का जाप करें।
भगवान शिव की कृपा से आर्थिक समस्याओं का समाधान होता है।
वैवाहिक जीवन में सुख-शांति आती है।
मानसिक तनाव दूर होता है और आत्मबल में वृद्धि होती है।
स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से मुक्ति मिलती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार के दिन विधि विधान से भगवान शिव की पूजा करने और मंत्रों का जाप करने से व्यक्ति को पुण्यफल की प्राप्ति होती है। साथ ही भगवान शिव के आशीर्वाद से जीवन में सकारात्मक उर्जा का संचार होता है और आध्यात्मिक मार्ग को प्रशस्त होता है। इस दिन शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाने के साथ मंत्रों का जाप करने से व्यक्ति पूजा सफल होती है। साथ ही सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियां पूर्णतया सत्य हैं या सटीक हैं, इसका www.patrika.com दावा नहीं करता है। इन्हें अपनाने या इसको लेकर किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले इस क्षेत्र के किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।