
Chaitra Navratri 2021: गोस्वामी तुलसीदात कृत रामचरितमानस की चौपाईयों में कई ऐसे मंत्र छिपे हुए हैं जिनका प्रयोग कर हम अपने जीवन की हर समस्या का समाधान कर सकते हैं। ये चौपाईरुपी मंत्र न केवल बोलने और जपने में बहुत ही सरल हैं वरन तुरंत असर भी दिखाते हैं। यही कारण है कि आज भी हर घर में रामचरितमानस का जप और अखंड पाठ किया जाता है। जानिए ऐसे ही कुछ मंत्रों के बारे में-
समस्त संकटों और दुर्भाग्य से मुक्ति पाने के लिए
यदि आप अपने दुर्भाग्य और सभी संकटों से मुक्ति पाना चाहते हैं तो रामचरितमानस का निम्न मंत्र रामबाण उपाय है। इस मंत्र का प्रतिदिन 108 बार जप करने से न केवल इस जीवन के समस्त कष्ट दूर होते हैं वरन मृत्यु बाद बैकुंठ धाम की भी प्राप्ति होती है। मंत्र इस प्रकार है-
"राम रमेति रमेति रमो,रामेति मनोरमे,सहस्त्र नाम तातुल्यम राम नाम वरानने"
लक्ष्मी प्राप्ति के लिए मंत्र
निर्धनता दूर करने तथा अखंड लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए रामचरितमानस की निम्न चौपाई को नियमित रुप से जपा जाए तो सभी प्रकार के आर्थिक संकटों का नाश होकर कुबेर के समान समृद्धि और धन-संपदा प्राप्त होती है। मंत्र इस प्रकार है-
"जिमि सरिता सागर महुं जाही। जद्यपि ताहि कामना नाहीं। तिमि सुख संपति बिनहिं बोलाएं, धरमसील पहिं जाहिं सुभाएं।।"
किसी विशेष मनोकामना को पूर्ण करने हेतु
यदि आपकी कोई विशेष मनोकामना है जिसे आप पूरा करना चाहते हैं और सभी प्रकार के प्रयास करने के बाद भी पूरा नहीं हो पा रही है तो रामचरितमानस की इस चौपाई का प्रतिदिन 108 बार जप करें-
"भव भेषज रघुनाथ जसु सुनहिं जे नर अरु नारि, तिन्ह कर सकल मनोरथ सिद्ध करहिं त्रिसिरारि।।"