Holika Dahan Night Precaution: फाल्गुन पूर्णिमा यानी होलिका दहन की रात साधना की रात होती है, इस रात नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव भी बढ़ा रहता है। इसके चलते छोटी होली की रात कुछ सावधानियां जरूर रखनी चाहिए ताकि किसी मुसीबत में पड़ने से बच सकें (holika dahan remedy to avoid trouble )...
ज्योतिषाचार्य अंजना गुप्त के अनुसार होलिका दहन की रात की गई तंत्र साधना, आध्यात्मिक साधना और गुरु मंत्र साधना शीघ्र सफलता प्रदान करती है। इसलिए कोई बुरा व्यक्ति कष्ट पहुंचाने वाले काम भी कर सकता है और इसमें उसे सफलता मिल सकती है। इसलिए इस रात भूलकर भी ये काम न करें..
1. किसी की दी गई सफेद चीज मिठाई बिल्कुल न खाएं।
2. कहीं भी जाएं तो सड़क पर देख कर चलें, किसी भी अनजानी पूजा पाठ वाली चीज को स्पर्श न करें और न ही लांघें।
3. पुरुष और स्त्री होली के दिन अपने सिर को ढंक करके रखें। साथ ही अपने सिर के बाल नाखून इधर-उधर ना फेंके। इसका विशेष रूप से ध्यान रखें।
4. इस दिन किसी भी प्रकार का लेन-देन न करें। इस दिन किसी भी परिस्थिति में अपशब्द न कहें।
5. होलिका दहन की रात न गुस्सा करें और न रति क्रिया करें।
6. नवविवाहिता और गर्भवती स्त्री होलिका दहन ना देखें, पहली होली सास बहू साथ में ना देखें।
7. अपने कपड़ों का विशेष ध्यान रखें, अपने कपड़ों का कोई भी हिस्सा गुम न होने दें। इस रात इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखें।
8.होलिका दहन के दिन काले कपड़े में काले तिल, सरसों, राई लौंग बांधकर, अपने पास रखें और रात्रि होलिका दहन में जला दें। इससे किसी भी प्रकार की स्थिति का यदि कोई प्रभाव आप पर हुआ है तो दूर हो जाएगा। होलिका दहन के बाद रात्रि में गुलाल ना खेलें।
9. होलिका दहन के दिन पीले रंग का झंडा बनाकर विष्णु मंदिर या पीपल के पेड़ पर अवश्य लगाएं तथा विष्णु सहस्रनाम का पाठ अवश्य करें। यदि नहीं कर सकते हैं तो महामंत्र ॐ नमो भगवते वासुदेवाय, इसके अधिक से अधिक जाप करें।