धर्म-कर्म

न्याय के देवता को प्रसन्‍न करना है तो यह है पूजा विधि, इन वस्‍तुओं का करें दान और जपें ये मंत्र

जब शनि राशि बदलते हैं तब राशियों की दशा...

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Jul 24, 2020
How to get blessings of God of justice

सनातन धर्म के अनुसार जहां जीव की मृत्यु के बाद चित्रगुप्त जी के पाप-पुण्य के लेखे-जोखे के आधार पर यमराज आत्माओं को उनके कर्म अनुसार नरक, स्वर्ग, पितृलोक आदि लोकों में भेज देते हैं। वहीं मृत्यु से पहले जीवित अवस्था में व्यक्ति के कर्म फलों का दंड न्याय के देवता के रुप में शनिदेव द्वारा दिया जाता है।

शनिदेव के इन्हीं क्रूर दंड के चलते वर्तमान में लोग शनि को लेकर काफी भयभीत रहते हैं। जबकि यह भी कहा जाता है कि यदि जीव अपने जीवन में कोई गलत कार्य नहीं करता तो शनि देव उसे दंड की जगह ऐसा फल प्रदान करते हैं, कि वह फर्श से अर्श तक पहुंच जाता है।

लेकिन आज के दौर में ऐसे लोग न के बराबर होने के चलते अधिकांश लोग शनिदेव के दंड के भागी बनते हैं। जिसके कारण शनिदेव का आशीर्वाद रूपी फल देखने को कम ही मिलता है।ऐसे में लोग शनिदेव को केवल क्रूर ग्रह के रूप में ही मानने लगे हैं।

वहीं ज्योतिष में बताया गया है कि जब शनि राशि बदलते हैं तब राशियों की दशा, महादशा, साढ़ेसाती और ढैय्या शुरू हो जाती है। जिसके प्रभाव से लोगों की जिंदगी में परिवर्तन होने लगते हैं, परेशानियां आती हैं। नौकरी और व्‍यापार में समस्‍या उत्‍पन्‍न होने लगती है। खर्चे बेतहाशा बढ़ जाते हैं।

शनि के इन्हीं कर्म के अनुसार दिए जाने वाले कठोर दंड के चलते लोग शनि को क्रूर ग्रह मानते हैं, ज्योतिष के जानकार सुनील शर्मा के अनुसार शनि के प्रभाव को कम करने के लिए व्यक्ति पूजापाठ, दान-पुण्‍य, जप और मंत्र से जुड़े कुछ उपायों को आजमा सकते हैं, जिनसे उन्हें कुछ राहत मिल सकती है, ये हैं वे उपाय…

: शनिवार के दिन आप काली गाय, काले कुत्‍ते या फिर काली चिड़ियों को खाने की चीजें डालें। माना जाता है कि ऐसा करने से आपके ऊपर से शनि ग्रह का प्रभाव कम होता है और आपके काम में आ रही रुकावटें भी दूर होती हैं। बिगड़े हुए काम भी फिर से बनने लगते हैं।

: शनिवार को स्‍नान के बाद सबसे पहले दशरथ कृत शनि स्‍त्रोत का पाठ करना चाहिए। यदि आप या फिर आपका कोई करीबी बार-बार दुर्घटना का शिकार हो रहा है तो यह शनि की दशा को दर्शाता है। ऐसे में शनिवार को ‘ऊं शं अभयहस्‍ताय नम:’ मंत्र का 108 बार जप करने से लाभ होगा।

पूजा विधि...
शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे काली बाती बनाकर सरसों तेल का दीप जलाएं। पीपल को जल और काली चिंटियों गुड़ दें, माना जाता है कि ऐसा करने से शनि के दोषों से मुक्ति मिलती है। वहीं पीपल के पत्तों पर मिठाई रखकर पितरों का ध्यान करने से पितृदोष के दूर होने की बात भी कही जाती है।

दान...
शनिवार के दिन आप गरीबों में शनि महाराज की प्रिय वस्‍तुओं सरसों का तेल, काले जूते, काले वस्‍त्र, काले उड़द की दाल, तिल से बनी चीजें और लोहे का दान कर सकते हैं। लेकिन एक बात का ध्‍यान रखें कि दान की जाने वाली कोई भी वस्‍तु खरीदकर घर न लाएं बल्कि उसे घर के बाहर ही दान कर दें।

शमी की पूजा...
शनिवार के दिन शमी के पेड़ की पूजा करने से भी शनि महाराज प्रसन्‍न होते हैं। शमी का पुष्‍प भगवान शिव को चढ़ाने से भी शनिदेव प्रसन्‍न होते हैं और इनकी ग्रहदशा दूर होती है।

Published on:
24 Jul 2020 02:03 am
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