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kartikeya ki aarti : स्कंद षष्ठी पर गाएं यह आरती, मुरुगन करेंगे हर परेशानी दूर

चैत्र माह की मासिक स्कंद षष्ठी 26 मार्च रविवार को है। यह तिथि शाम 4. 32 से शुरू होकर 27 मार्च को 5.27 बजे तक है, लेकिन स्कंद षष्ठी रविवार को ही मनेगी। इस दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा की जाती है। इस दिन कार्तिकेय (Skand Shashthi Mantra) के इन मंत्रों और आरती (kartikeya ki aarti) के पाठ से भगवान मुरुगन प्रसन्न होते हैं और जीवन की हर परेशानी दूर करते हैं।
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Updated: 26 Mar 2023, 9:18 PM IST
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स्कंद षष्ठी व्रत का महत्वः स्कंद पुराण में इसका महत्व बताया गया है, स्कंद षष्ठी व्रत जीवन में चल रही बाधा, संतान संबंधित पीड़ा के खात्मे और संतान की कामना की पूर्ति में विशेष फलदायी है। इस दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा (Skand Shashthi Puja) से जीवन की हर परेशानी दूर होती है। इसके साथ शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है।

स्कंद षष्ठी मंत्र (Skand ShashThi Mantra): दुख और कष्ट से मुक्ति का कार्तिकेय गायत्री मंत्र

'ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महासैन्या धीमहि तन्नो स्कन्दा प्रचोदयात'।

शत्रु नाशक मंत्र

ॐ शारवाना-भावाया नम: ज्ञानशक्तिधरा स्कन्दा वल्लीईकल्याणा सुंदरा देवसेना मन: कांता कार्तिकेया नामोस्तुते।

भगवान कार्तिकेय पूजा मंत्र

देव सेनापते स्कंद कार्तिकेय भवोद्भव। कुमार गुह गांगेय शक्तिहस्त नमोस्तुते।

कार्तिकेय की आरती (kartikeya ki aarti)


जय जय आरती वेणु गोपाला
वेणु गोपाला वेणु लोला
पाप विदुरा नवनीत चोरा

जय जय आरती वेंकटरमणा
वेंकटरमणा संकटहरणा
सीता राम राधे श्याम

जय जय आरती गौरी मनोहर
गौरी मनोहर भवानी शंकर
साम्ब सदाशिव उमा महेश्वर

जय जय आरती राज राजेश्वरि
राज राजेश्वरि त्रिपुरसुन्दरि
महा सरस्वती महा लक्ष्मी
महा काली महा लक्ष्मी

जय जय आरती आन्जनेय
आन्जनेय हनुमन्ता

जय जय आरति दत्तात्रेय
दत्तात्रेय त्रिमुर्ति अवतार

जय जय आरती सिद्धि विनायक
सिद्धि विनायक श्री गणेश
जय जय आरती सुब्रह्मण्य
सुब्रह्मण्य कार्तिकेय।

Updated on:
26 Mar 2023, 9:18 PM IST
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