धर्म-कर्म

जीवन में सुकृत कार्य करते रहना चाहिए : आचार्य चंद्रयश

बेंगलूरु अजितनाथ जिनालय नगरथपेट में आचार्य चंद्रयश सूरीश्वर के आगमन पर संघ की ओर से आचार्य का गाजे -बाजे के साथ सामैया हुआ।प्रवचन सभा में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सुकृत कार्य करते रहना चाहिए। वर्तमान के जीवन में स्वार्थ बढ़ गया है। अपना,हम, हमारा इनके सिवाय दूसरा कुछ दिखता ही […]

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Feb 13, 2026

बेंगलूरु

अजितनाथ जिनालय नगरथपेट में आचार्य चंद्रयश सूरीश्वर के आगमन पर संघ की ओर से आचार्य का गाजे -बाजे के साथ सामैया हुआ।प्रवचन सभा में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सुकृत कार्य करते रहना चाहिए। वर्तमान के जीवन में स्वार्थ बढ़ गया है। अपना,हम, हमारा इनके सिवाय दूसरा कुछ दिखता ही नहीं है। भगवान की कृपा से हमें बहुत कुछ प्राप्त हुआ है । इतना निर्णय हमें अवश्य करना है कि हमको जितना प्राप्त है उसमें दूसरों की मदद करेंगे। सुकृत तो वह है कि अपने पास होते हुए भी अपने स्वार्थ को गौण करके अच्छी क्रिया करना है।

मौके पर किशोर जियाणी, दुर्लभ खांटेड, महावीर श्रीश्रीमाल, प्रसन्नभाई पगारिया, भरतभाई तुलेच्छा वोरा आदि ट्रस्ट मंडल, महिला मंडल मौजूद थे। शुक्रवार को आचार्य का आदिनाथ जैन संघ चिकपेट में आगमन होगा, जहां तीन दिन प्रवास रहेगा। प्रतिदिन प्रवचन 9:15 बजे और आदिनाथ दादा के केवलज्ञान कल्याणक निमित्त अभिषेक प्रातः 8 बजे होगा।

Published on:
13 Feb 2026 06:32 pm
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