धर्म-कर्म

बाहर से कठोर, भीतर से कोमल थे संत मिश्रीमल : साध्वी

Aug 09, 2025
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र्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, राजाजी नगर की ओर से स्थानक भवन में चार महापुरुषों का जन्मोत्सव एवं पुण्योत्सव एकासन दिवस और गुणगान से मनाया गया।

साध्वी नंदिनी ने कहा कि मरुधर केसरी संत मिश्रीमल एक अद्भुतता, अनुपम एवं अलौकिक छवि के धनी थे। उनकी कथनी एवं करनी एक थी। वे मिश्री की भांति बाहर से कठोर और भीतर से मीठे कोमल थे। साध्वी ने संत रूपचंद के 98 वें जन्मोत्सव पर कहा कि गुरु रूप जैन ही नहीं, बल्कि छत्तीसों कौम के गुरु थे। जो आत्म ज्ञान से अंतर्मन का दिया जलाते थे। जो भी उनके चरणों में पहुंचे, उनको जागृत किया। वे जिनशासन के ज्योतिर्मय नक्षत्र थे। वे वचन सिद्ध, प्रज्ञा पुरुष थे। मेवाड़ आचार्य मोतीलाल के 68 वें पुण्योत्सव पर उनके गुणगान करते हुए कहा कि आचार्य मोतीलाल मेवाड परंपरा के अंतिम आचार्य रहे। जिनका जीवन मोती की तरह पारदर्शी था। उन्होंने 20 वर्षो तक मेवाड परंपरा का कुशल संचालन और नेतृत्व किया। साध्वी चंदा के 73 वें पुण्योत्सव पर उनका गुणगान करते हुए कहा कि साध्वी की साधना में परिपक्वता थी और वाणी में मधुरता। साध्वी ऋषिता ने गुरु गुणगान में स्तवन की प्रस्तुति दी। संघ मंत्री नेमीचंद दलाल ने संचालन करते हुए कहा कि श्रमण संघ के निर्माण और संगठन को बनाए रखने में मरुधर केसरी एवं लोकमान्य संत ने अपना विशिष्ट योगदान दिया।अध्यक्ष प्रकाशचंद चाणोदिया, जंबु कुमार दुगड़, शकुंतला मेहता, महिला मंडल मंत्री रेखा पोखरणा, चमेली खिंवेसरा ने विचार रखे। लाभार्थी शांतिदेवी जवरीलाल रातड़िया परिवार रहे। शांतिलाल चाणोदिया, अशोक बागरेचा, पारसमल भलगट, सुभाष भंसाली के साथ ही त्रिशला महिला मंडल, त्रिशला बहू मंडल, राजाजी नगर युवा मंडल, ब्राह्मी कन्या मंडल, जिनेश्वर युवा मंडल के सदस्यों का विशेष सहयोग रहा।

इस मौके पर जैन कॉन्फ्रेंस वैयावच्च योजना के राष्ट्रीय महामंत्री रतनचंद सिंघी, प्रांतीय महामंत्री प्रकाश बोहरा, प्रांतीय उपाध्यक्ष हस्तीमल बाफना, किशोर दलाल, सुरेश निवेदिया, अनिल बाफना, गुरु अम्बेश सेवा समिति से संपतलाल ढीलीवाल, जयंतीलाल ओस्तवाल, कोप्पल से जीतेंद्र झांगड़ा आदि मौजूद थे। उपाध्यक्ष रोशनलाल नाहर, सहमंत्री राकेश दलाल, कोषाध्यक्ष प्रसन्न भलगट ने आभार व्यक्त किया।

Updated on:
09 Aug 2025 07:26 pm
Published on:
09 Aug 2025 07:26 pm