धर्म-कर्म

बड़े से बड़ा संकट टाल सकता है गणेशजी का स्तोत्र, केवल 5 मिनट तक रोज करें पाठ

Sankatnashan Ganesh Stotra : स्तोत्र पाठ में बमुश्किल 5 मिनिट लगते हैं, 40 दिनों तक पूरी श्रदृधा से पाठ करने पर खुद ब खुद सामने दिखेंगे परिणाम
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Aug 15, 2026
Ganesh-Puja
Ganesh-Puja- image patrika.com

ganesh stotra : सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य के पहले सर्वप्रथम भगवान गणेशजी की पूजा करने का विधान है। 33 कोटि देवी—देवताओं में उनका स्थान सर्वप्रमुख है। गणेशजी बुदिृध के देवता माने जाते हैं। यहां तक कि उनका वाहन भी मूषक यानि चूहा है जिसे विज्ञान ने भी मनुष्य के बाद सबसे ज्यादा अक्लमंद प्राणी माना है। बुदिृधमान होने के कारण ही गणेशजी का मूषक से मानसिक तादात्म्य स्थापित हुआ। उनकी पूजा करने से सर्वसुख प्राप्त होते हैं। गणेशजी की पूजा अर्चना के लिए संकटनाशन गणेश स्तोत्र का बहुत महत्व है। माना जाता है कि इस स्तोत्र के नियमित पाठ से बड़े से बड़ा संकट भी टल जाता है।

16 अगस्त यानि रविवार को सावन शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है। इसे विनायकी चतुर्थी के रूप में जाना जाता है। इस दिन गणेश पूजा का विधान है। देशभर के ख्यात गणेश मंदिरों में विनायकी चतुर्थी के दिन गणेशजी की पूजा और दर्शन के लिए लोगों की कतार लगेंगी। घरों में भी गणेश पूजा की जाएगी।

ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि विनायकी चतुर्थी पर व्रत रखकर गणेशजी की पूजा अर्चना करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। सामान्यत: हम किसी काम के पूरे और सफल होने के लिए गणेशजी की पूजा करते हैं। हालांकि गणेशजी के अलग-अलग रूप भी हैं और विभिन्न रूपों में वे विभिन्न कारक बन जाते हैं। जीवन में आनेवाले संकटों को दूर करने में भी गणेशजी की पूजा अर्चना फलदायी साबित होती है।

गणेशजी की आराधना के लिए कई मंत्र, स्त़ोत्र हैं। इनमें संकटनाशन गणेश स्तोत्र का सबसे अहम स्थान है। ज्योतिषाचार्य पंडित अरुण बुचके बताते हैं कि गणेशजी के इस स्तोत्र के नियमित पाठ से बड़े से बड़ा संकट टल जाता है। यह

40 दिनों तक पाठ करने से मिलता लाभ

संकटनाशन गणेश स्तोत्र सिदृध स्तोत्र माना जाता है। पंडित दीपक दीक्षित के अनुसार जीवन में जब भी कोई बड़ा संकट सामने दिख रहा हो और उससे बचने का कोई उपाय नजर नहीं आ रहा हो तब संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ करना ही श्रेयस्कर होगा। गणेशजी की शरण में जाकर विधि विधान से इस स्तोत्र का पाठ करने से परेशानी का निश्चित रूप से खात्मा होता है।

स्तोत्र पाठ के दौरान गणेशजी का स्मरण करते रहे

माह के शुक्ल पक्ष के पहले बुधवार या अन्य किसी बुधवार को सुबह जल्दी उठकर स्नान कर गणेशजी की विधि विधान से पूजा करें। उन्हें दूर्वा अर्पित करें। इसके बाद गणेशजी के विग्रह के सामने संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ करें। पाठ शुरु करने के पहले और पाठ समाप्ति के बाद गणेशजी से आसन्न संकट खत्म करने की प्रार्थना करें। 40 दिनों तक रोज पाठ करें। इसमें बमुश्किल 5 मिनिट लगेंगे पर पूरी श्रदृधा से पाठ करने पर इसके परिणाम से आप खुद ब खुद अवगत हो जाएंगे। स्तोत्र पाठ के दौरान गणेशजी का स्मरण करते रहे। श्रदृधा और विश्वास के साथ पाठ करने से परेशानियों का हल करने में अवश्य सफलता मिलेगी।

Updated on:
15 Aug 2026 02:01 pm
Published on:
15 Aug 2026 01:59 pm