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Satya vinayak Vrat: कर्ज से नहीं छूट रहा पीछा तो जरूर करें ये पूजा, सत्य विनायक के मंत्र हैं रामबाण उपाय

Satya vinayak puja vidhi वैशाख पूर्णिमा को सत्य विनायक पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस व्रत पूजा से सभी कर्ज से मुक्ति मिल जाती है। इसके लिए जानें सत्य विनायक मंत्र Satya Vinayak mantra
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May 22, 2024
Satya Vinayak mantra
सत्य विनायक मंत्र

Satya vinayak vrat सभी पूर्णिमा में वैशाख पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इसे सत्य विनायक पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन पूजा और व्रत से भगवान गणेश और भगवान विष्णु दोनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। मान्यता है कि सत्यविनायक पूजा से जीवन में शांति और समृद्धि आती है। यह पूजा करने वाले का कर्ज से छुटकारा मिल जाता है। इसके लिए ये सत्य विनायक मंत्र रामबाण उपाय हैं। आइये जानते हैं कैसे करें सत्यविनायक पूजा….

सत्य विनायक पूजा से दूर हुई थी सुदामा की दरिद्रता

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने सुदामा की दरिद्रता से दुखी होकर उन्हें सत्य विनायक पूजा का महत्व बताया था। इसके बाद उन्हें सत्य विनायक पूजा विधि बताई और इसके मंत्र बताए। इसके बाद सुदामा को गरीबी से छुटकारा मिला और सुख-समृद्धि मिली।

सत्य विनायक पूजा का महत्व

मान्यता है कि वैशाख पूर्णिमा पूजा अत्यधिक पुण्यफलदायी है। सत्य विनायक पूजा से दरिद्रता दूर हो जाती है। यह पूजा वित्तीय और ऋण संबंधी समस्याओं को हल करने के लिए सबसे आदर्श पूजा है। जिन लोगों को कानूनी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, उन्हें भी पूजा करने से अच्छा लाभ मिलता है। धन-संपत्ति से संबंधित न्यायालयीन मामले पूजा करने वाले व्यक्ति के पक्ष में सुलझते हैं।

सत्यविनायक पूजा मंत्र

ॐ सत्यविनायकाय नमः
ॐ केशवाय नमः
ॐ नारायणाय नमः
ॐ माधवाय नमः
ॐ गोविंदाय नमः
ॐ विष्णवे नमः
ॐ मधुसूदनाय नमः
ॐ त्रिविक्रमाय नमः
ॐ वामनाय नमः
ॐ श्रीधराय नमः
ॐ हृषिकेशाय नमः
ॐ पद्मनाभाय नमः
ॐ दामोदराय नमः
ॐ संकर्षणाय नमः
ॐ वासुदेवाय नमः
ॐ प्रद्युम्नाय नमः
ॐ अनिरुद्धाय नमः
ॐ पुरूषोत्तमनाय नमः
ॐ अधोक्षजाय नमः
ॐ नरसिम्हाय नमः
ॐ अछूताय नमः
ॐ जनार्दनाय नमः
ॐ उपेन्द्राय नमः
ॐ हरये नमः
ॐ श्री कृष्णाय नमः

सत्य विनायक पूजा विधि

  1. सुबह जल्दी उठकर या शाम को सत्य विनायक, चंद्र देव, विष्णु देव, माता लक्ष्मी की पूजा करें। इसके लिए स्नान के बाद सफेद रंग का वस्त्र पहनें।
  2. गणेश जी को मन ही मन प्रणाम करें। एक स्टील का कलश लें और उसमें जल भरें, कलश के मुंह को नारियल और आम के पत्तों से ढंक दें और कलश पर चंदन-कुमकुम से बिंदी बनाएं।
  3. कलश को घर की उत्तर दिशा में सफेद रंग के कपड़े पर बिछाकर रखें। अब उत्तर दिशा की ओर मुख करके पूजा शुरू करें।
  4. विष्णु जी को गंगाजल अर्पित करें, हल्दी का तिलक अर्पित करें। गणेश जी को केसर मिश्रित शुद्ध गाय के घी का दीपक जलाएं, कपूर जलाएं और सफेद रंग के फूल चढ़ाएं।
  5. सफेद चंदन का लेप, अक्षत, शहद, दूध और चंदन का इत्र (सुगंध या इत्र) अर्पित करें।
  6. सफेद चंदन की माला से ॐ सत्यविनायकाय नमः मंत्र का 108 बार जाप करें। मीठा बनाने के लिए नारियल का उपयोग करें।
  7. प्रसाद या भोग में मीठा खोया या मावा चढ़ाएं। पूजा के बाद इसे सबको बांटें।
  8. पूजा के बाद कलश में जल भरकर किसी पीपल के पेड़ के नीचे रखना चाहिए।
  9. गरीबी और आर्थिक समस्याओं को दूर करने के लिए पूजा के दौरान सत्यविनायक को पांच बोतल शहद चढ़ाएं। बाद में इसे गरीब बच्चों को दान कर दें।

(नोट-इस आलेख में दी गई जानकारियां पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं, www.patrika.com इसका दावा नहीं करता। इसको अपनाने से पहले और विस्तृत जानकारी के लिए किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।)

Updated on:
22 May 2024 03:13 pm
Published on:
22 May 2024 03:13 pm