
Vaishakh Purnima 2024 : हिंदू धार्मिक कैलेंडर के अनुसार हर महीने एक पूर्णिमा आती है। इस दिन पूजा, व्रत और दान पुण्य का विशेष फल मिलता है। इससे मां लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है और सभी कष्ट कट जाते हैं। घर में खुशहाली सुख समृद्धि आती है। इस दिन भगवान बुद्ध का अवतार और निर्वाण हुआ था, इसलिए इस दिन को बुद्ध पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि वैशाख पूर्णिमा भगवान सत्यनारायण की पूजा मनोवांछित फल देती है। बशर्ते इसके लिए कुछ वैशाख पूर्णिमा के आसान उपाय कर लीजिए। आइए जानते हैं वैशाख पूर्णिमा के उपाय…
वैशाख पूर्णिमा आरंभः बुधवार 22 मई 2024 शाम 7.47 बजे
वैशाख पूर्णिमा समापन तिथिः गुरुवार 23 मई शाम 7.22 बजे
वैशाख पूर्णिमाः 23 मई गुरुवार
स्नान दान का शुभ समयः गुरुवार सुबह 04.04 बजे से
वैशाख पूर्णिमा के आसान उपाय (Vaishakh Purnima 2024 Upay): बुद्ध पूर्णिमा के दिन अलग-अलग पुण्य कर्म करने से अलग-अलग फल मिलते हैं। आइये जानते हैं बुद्ध पूर्णिमा के उपाय ताकि पुण्य अर्जित कर पाएं और सुख समृद्धि पाएं।
मान्यता है कि वैशाख पूर्णिमा के दिन पीपल के पेड़ को जल अर्पित करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और परिवार के सदस्यों को पितरों का आशीर्वाद मिलता है।
मान्यता है कि वैशाख पूर्णिमा के दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। ऐसा करने से काम की बाधाएं दूर होती हैं और हर क्षेत्र में सफलता मिलती है।
शनि दोष से मुक्ति पाने के लिए वैशाख पूर्णिमा सबसे शुभ माना गया है। इस दिन शनिदेव और पीपल के पेड़ की पूजा करने से दुखों से छुटकारा मिलता है।
इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान विष्णुजी की विधिवत पूजा करनी चाहिए। इससे घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है।
इस दिन 11 पीली कौड़ी को पूजा कर मां लक्ष्मी के चरणों में चढ़ाएं। इसके बाद इसे लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रख लें। ऐसा करने से धन से जुड़ी दिक्कत दूर हो जाएगी।
वैशाख पूर्णिमा पर धर्मराज की भी पूजा की जाती है। इस दिन धर्मराज के निमित्त जल से भरा कलश और पकवान दान करने से गोदान के समान फल प्राप्त होता है। पांच या सात ब्राह्मणों को मीठे तिल दान देने से सब पापों का नाश हो जाता है। इसके अलावा तिलों के जल से स्नान करके घी, चीनी और तिलों से भरा पात्र भगवान विष्णु को अर्पित करें और उन्हीं से अग्नि में आहुति दें या तिल और शहद का दान करें, तिल के तेल के दीपक जलाएं, जल और तिलों का तर्पण करें या गंगा आदि में स्नान करें तो व्यक्ति सब पापों से निवृत्त हो जाता है।
बुद्ध पूर्णिमा के दिन शुद्ध भूमि पर तिल फैलाकर काले मृग का चर्म बिछाएं और उसे सभी प्रकार के वस्त्रों सहित दान करें तो अनंत फल प्राप्त होता है।
वैशाख पूर्णिमा के दिन एक समय भोजन करके पूर्णिमा, चंद्रमा या सत्यनारायण का व्रत करें तो सब प्रकार के सुख, सम्पदा और श्रेय की प्राप्ति होती है।
(नोट-इस आलेख में दी गई जानकारियां पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं, www.patrika.com इसका दावा नहीं करता। इसको अपनाने से पहले और विस्तृत जानकारी के लिए किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।)