
बसंत पंचमी के दिन होने वाली सरस्वती पूजा में विशेषकर माँ सरस्वती पवित्र के त्रिमूर्ति स्वरूप यानी की लक्ष्मी, पार्वती और सरस्वती की पूजा होती हैं, जो संगीत, कला और शिल्प, बुद्धि, ज्ञान, चेतना और सभी वेदों की देवी हैं । बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती के इन महाशक्तिशाली मंत्रों में से कोई भी एक मंत्रों का जप करने से प्रत्येक मनोकामनाओं की पूर्ति हो जाती हैं ।
1- बसंत पंचमी के दिन इस मंत्र का जप करने से विद्यार्थियों को अच्छे अंक, एकाग्रता और याददाश्त बढ़ने लगती हैं ।
मंत्र-
।। ॐ सरस्वती नमस्तुभ्यं वरदे कामरुपिणि विद्यारंबम करिष्यामि सिद्धिर बावतुमे सधा ।।
2- इस मंत्र का जप बसंत पंचमी के दिन जपने से अज्ञानता की बुराइयों का नाश होकर उत्तम ज्ञान की प्राप्ति होती हैं ।
।। ॐ शुक्लम ब्रह्मविचार, सार परमाधिया जगदव्यपीनम वीना पुष्टक, धराइननेममेम दाम, जाद यापनधाराप्राहम, हस्ते स्फाटिक मौलिका विधातेम, परमासेन संस्थानिता वंदे ताम, परमेशवर भगवतीम बुद्ध प्रदाम शारदाम ।।
3- बसंत पंचमी को मां सरस्वती की पूजा के बाद प्रसाद का भोग लगाते समय इस मंत्र का जप करें ।
।। ॐ ऐंग सरस्वतीये नमः ॐ ।।
4- मां सरस्वती का यह मंत्र मुख्य रूप से विद्यार्थियों को पढ़ाई में और परीक्षाओं में अच्छे अंक प्राप्त करने में मदद करता है ।
।। ॐ ऐम हरिम क्लेम महा सरस्वती देवया नमः ।।
5- बसंत पंचमी के दिन अगर विद्यार्थी इस मंत्र का 108 बार जप कर लेता हैं तो एकाग्रता शक्ति में वृद्धि होने के साथ हर इच्छा पूरी हो जाती हैं ।
।। ॐ सरस्वती नमस्तुभ्यं, वरादे कामरुपेणि, विद्यारंभम करिश्मयामी, सिधीर भगवत मे सदा ।।
6- कैरियर और शिक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए इस मंत्र का 108 बार जप सरस्वती या गायत्री मंदिर में जप करने से कठिन लगने वाली सफलता सरलता से मिल जाती हैं ।
।। ॐ वागीश्वर्यै विद्महे वाग्वादिन्यै धीमहि तन्नः सरस्वति प्रचोदयात ।।
7- बसंत पंचमी के दिन इस मंत्र का जप करने से व्यक्ति को प्रसिद्धि और ज्ञान का आशीर्वाद मिलता हैं ।
।। ॐ सरस्वती महाभागे विद्ये कमललोचने विश्वरूपे विशालाक्षी विद्यम देहि नमोस्तुते ।।