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Chandra Grahan 2026: क्या चंद्र ग्रहण डालेगा रक्षाबंधन पर बुरा असर? ज्योतिषाचार्य से जानें कितना पड़ेगा प्रभाव

Chandra Grahan 2026: रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) के दिन चंद्रग्रहण का संयोग लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। क्या इसका त्योहार पर कोई असर पड़ेगा? जानिए ज्योतिषाचार्य से शुभ-अशुभ प्रभाव और जरूरी बातें।
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भारत

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Akash Dewani

Aug 17, 2026

chandra grahan raksha bandhan prabhav remedies

Chandra Grahan Raksha Bandhan Impact: ज्योतिषाचार्य से जानिए शुभ-अशुभ प्रभाव (फोटो सोर्स- Chatgpt)

Chandra Grahan Raksha Bandhan Impact: 28 अगस्त को श्रावणी पूर्णिमा (रक्षाबंधन) पर खंडग्रास चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan 2026) लगेगा। साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगा था। ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि खास बात यह है कि यह ग्रहण रक्षाबंधन और श्रावण पूर्णिमा के दिन पड़ेगा। ग्रहण के दौरान चंद्रमा कुंभ राशि में स्थित रहेगा। साल का दूसरा चंद्र ग्रहण शुक्रवार 28 अगस्त 2026 को लगेगा। यह पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, लेकिन भारत में यह नजर नहीं आएगा, इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा। यह ग्रहण मुख्य रूप से उत्तर और दक्षिण अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा।

28 अगस्त को लगेगा चंद्र ग्रहण

ज्योतिषाचार्या ने बताया कि वर्ष का दूसरा चंद्र ग्रहण शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को लगेगा। यह पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। लेकिन भारत में यह नजर नहीं आएगा। इसलिए यहां इसका सूतक भी मान्य नहीं होगा। यह ग्रहण मुख्य रूप से उत्तर और दक्षिण अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा। आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अगस्त की सुबह 8:04 मिनट से शुरू होगा और सुबह 11:22 मिनट तक चलेगा। यह खंडग्रास यानी आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। पंचांग के अनुसार यह ग्रहण श्रावण शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर लगेगा, जिस दिन रक्षाबंधन का पर्व भी मनाया जाएगा।

भारत में नहीं दिखेगा चंद्र ग्रहण

28 अगस्त का यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसकी दृश्यता मुख्य रूप से उत्तर अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के कई हिस्सों में रहेगी। भारत में ग्रहण नजर नहीं आने के कारण यहां इससे जुड़ी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।

बिना किसी बाधा के मनाएं रक्षाबंधन

भारत में अदृश्य ग्रहण का धार्मिक कर्मकांडों पर प्रभाव नहीं माना जाता। इसलिए रक्षाबंधन पर राखी बांधने, श्रावणी उपाकर्म, यज्ञोपवीत संस्कार और पूर्णिमा पूजन भी बिना किसी बाधा के संपन्न होंगे।

चंद्रग्रहण का शुभ-अशुभ प्रभाव

ज्योतिषाचार्या ने बताया कि ग्रहण की वजह से प्राकृतिक आपदाओं का समय से ज्यादा प्रकोप देखने को मिलेगा। इसमें भूकंप, बाढ़, सुनामी, विमान दुर्घटनाएं का संकेत मिल रहे हैं। प्राकृतिक आपदा के साथ अग्नि कांड भूकंप गैस दुर्घटना वायुयान दुर्घटना होने की संभावना। प्राकृतिक आपदा में जनहानि कम ही होने की संभावना है। व्यापार में तेजी आएगी। खेती और इससे जुड़े कामों में नुकसान होने के योग बन रहे हैं। देश में कई जगह ज्यादा बारिश होगी। प्राकृतिक घटनाएं होगी। भूकंप आने की संभावना है। तूफान, बाढ़, भूस्खलन, पहाड़ टूटने, सड़के और पुल भी टूटने की घटनाएं हो सकती हैं।

यातायात से जुड़ी बड़ी दुर्घटना होने की भी आशंका है। बीमारियों का संक्रमण बढ़ सकता है। शासन-प्रशासन और राजनैतिक दलों में तेज संघर्ष होंगे। सामुद्रिक तूफान और जहाज-यान दुर्घटनाएं भी हो सकती हैं। खदानों में दुर्घटना और भूकंपन से जन-धन हानि होने की आशंका बन रही है। रोजगार के अवसर बढ़ेगे। आय में इजाफा होगा। राजनीति में बड़े स्तर पर परिवर्तन देखने को मिलेगा। होटल रेस्टोरेंट वालों के लिए बहुत ही अच्छा समय होगा। सांस्कृतिक रूप से कोई कोई विवाद या उत्तल पुथल होने की संभावना।

करें पूजा-पाठ और दान

ग्रहण के अशुभ असर से बचने के लिए हनुमानजी की पूजा करनी चाहिए। हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें। भगवान शिव और माता दुर्गा की आराधना करनी चाहिए। महामृत्युंजय मंत्र और दुर्गा सप्तशती का पाठ करना चाहिए।