
Sawan Somwar : श्रावण माह भगवान शिव को अतिप्रिय है। इसमें भी सोमवार के दिन शिवजी की पूजा अर्चना का बहुत महत्व है। सावन का यह दिन शिव पूजा के लिए बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन शिवजी का अभिषेक करें और उन्हें बिल्व पत्र अर्पित करें। जहां तक संभव हो, मंदिर में जाकर शिवलिंग पर जल चढ़ाएं। माता पार्वती की भी पूजा करें। सावन सोमवार पर शिव पूजा में गंगाजल का उपयोग अवश्य करें। शिवजी को धतूरा भी प्रिय है पर पूजन सामग्री में बिल्वपत्र जरूर रखें।
सावन सोमवार को व्रत रखकर रुद्राभिषेक करने से जातक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण
ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि वैसे तो प्रत्येक सोमवार भगवान शिव की उपासना की जाती है लेकिन सावन सोमवार की महत्ता कुछ अलग ही है। इस दिन रुद्राभिषेक करना चाहिए। मान्यता है कि सावन सोमवार को व्रत रखकर रुद्राभिषेक करने से जातक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।
सोमवार के दिन पूरे शिव परिवार की पूजा करनी चाहिए। शिवलिंग, माता पार्वती, कार्तिकेयजी, गणेशजी और उनके वाहन नन्दी की विधि विधान से पूजा करें। शिवजी की पूजा में उनकी प्रिय वस्तुएं अर्पित करें।
पंडित सोमेश परसाई के अनुसार शिवपूजन में गंगाजल या नर्मदाजल का उपयोग जरूर करें। पूजा सामग्री में बिल्वपत्र भी जरूर रखें। इसके साथ ही उनकी प्रिय वस्तुएं भांग, धतूरा के साथ जल, दूध, दही, घी, शहद, पंचामृत, कलावा, वस्त्र, जनेऊ, चन्दन, रोली, चावल, फूल, दूर्वा, फल आदि शामिल करें। शिव पूजन के लिए आक, कमल−गट्टा, पान, सुपारी, लौंग, इलायची, पंचमेवा, धूप, दीप आदि रखें।
ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर बताते हैं कि सावन सोमवार को सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें। घर के पूजा स्थल पर गंगाजल या नर्मदाजल छिड़कें और दीपक जलाएं। भगवान शिव का स्मरण कर व्रत रखने का संकल्प लें और विधि विधान से पूजाकर उनके मंत्र जाप करें।
सावन सोमवार पर मंदिर में जाकर शिवलिंग पर जल व दूध का अभिषेक करना चाहिए। ओम नम: शिवाय मंत्र का जाप जरूर करें। संभव हो तो रात्रि में जमीन पर ही आसन बिछा कर सोना चाहिए।