
सूर्य गोचर 2026: (फोटो सोर्स : AI@chatgpt)
Surya Gochar 2026: ग्रहों के राजा सूर्य 17 अगस्त को सुबह 7:58 बजे अपनी ही राशि सिंह में प्रवेश करेंगे। वे 17 सितंबर 2026 तक यहां रहेंगे और फिर कन्या राशि में गोचर करेंगे। सूर्य का स्वराशि सिंह में यह गोचर विशेष प्रभावशाली साबित होगा। वैदिक ज्योतिष के अनुसार सूर्य के शुभ फल से आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, प्रशासनिक सफलता, पद-प्रतिष्ठा और निर्णय लेने की शक्ति में वृद्धि होगी। सूर्य के सिंह राशि में गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा। करियर के लिए यह समय फलकारक साबित हो सकता है।
ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि सूर्य के अलग अलग राशि में प्रवेश को सूर्य संक्रांति कहा जाता है। वैदिक ज्योतिष में सिंह संक्रांति से जुड़ी अनेक मान्यताएं हैं। इस दिन परंपरागत रूप से गेहूं-गुड़, तांबा, लाल वस्त्र आदि खरीदना या दान करना शुभफलदायक होता है।
वैदिक ज्योतिष में सूर्य के अपनी ही राशि सिंह (Leo) में प्रवेश को विशेष महत्व दिया जाता है। सूर्य की यह स्थिति आत्मविश्वास, प्रतिष्ठा और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत करने का मौका देगी। सिंह राशि का स्वामी स्वयं सूर्य ही है। इसलिए इस राशि में सूर्य की ऊर्जा अधिक प्रभावशाली रहेगी। गोचर का सिंह राशिवालों को सर्वाधिक लाभ होगा। धनु, मीन, कन्या, मिथुन आदि राशियों के लोगों के लिए भी सूर्य का यह गोचर फलदायक रहेगा। अन्य राशियों के लिए मध्यम फल देगा।
ज्योतिविदों के अनुसार सूर्य का सिंह राशि में प्रवेश का ज्योतिषीय रूप से खासा महत्व है। सूर्य संक्रांति पर सूर्य पूजन कर इसका लाभ उठाना चाहिए वैदिक ज्योतिष के अनुसार सिंह, सूर्य की स्वराशि है। इसमें प्रवेश से सूर्य से जुड़े शुभ फल प्राप्त हो सकते हैं। जिनकी कुंडली में सूर्य कारक हो, शुभ हो उनमें आत्मविश्वास बढेगा, नेतृत्व क्षमता बढेगी, मान-सम्मान और प्रतिष्ठा प्राप्त होगी।
सिंह संक्रांति के दिन सुबह उगते सूर्य को जल अर्पित करें। इसके बाद आदित्य हृदय स्तोत्र या गायत्री मंत्र का श्रद्धापूर्वक पाठ करें। अपने पिता, गुरु और बुजुर्ग लोगों के चरण स्पर्श करें, उनका सम्मान करें। इन उपायों से सूर्यदेव प्रसन्न होंगे और आशीर्वाद प्रदान करेंगे।
सूर्य गोचर के दिन जरूरतमंदों को गेहूं, गुड़ और तांबे के बर्तन आदि का दान करना चाहिए। इससे सूर्य की कृपा प्राप्त होगी। हालांकि सूर्य गोचर के ये उपाय सभी लोगों के लिए एकसमान फलकारक साबित नहीं होंगे। जातक की जन्म कुंडली, उसमें सूर्य की स्थिति, ग्रह स्थिति और ग्रह दशाओं के आधार पर परिणाम निर्भर करेंगे। करियर या स्वास्थ्य संबंधी किसी विशेष उद्देश्य के लिए सूर्य के उपाय करने के लिए योग्य ज्योतिषी को कुंडली दिखाकर सलाह लें।
Updated on:
11 Aug 2026 02:03 pm
Published on:
11 Aug 2026 02:01 pm
बड़ी खबरें
View Allधर्म/ज्योतिष
ट्रेंडिंग
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
