धौलपुर. राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में अवैध चंबल बजरी परिवहन और वन्यजीवों को पहुंच रहे नुकसान पर सुप्रीम कोर्ट के स्वत: संज्ञान लेने और हाल में दिए आदेशों के बाद जिले में अवैध बजरी को लेकर सख्ती जारी है। अभी तक खुलेआम सडक़ों पर चंबल बजरी लदे दौड़ रहे ट्रेक्टर-ट्रॉलियों भूमिगत हैं।
धौलपुर. राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में अवैध चंबल बजरी परिवहन और वन्यजीवों को पहुंच रहे नुकसान पर सुप्रीम कोर्ट के स्वत: संज्ञान लेने और हाल में दिए आदेशों के बाद जिले में अवैध बजरी को लेकर सख्ती जारी है। अभी तक खुलेआम सडक़ों पर चंबल बजरी लदे दौड़ रहे ट्रेक्टर-ट्रॉलियों भूमिगत हैं। पुलिस समेत अन्य एजेंसी के अवैध खनिज परिवहन में पकड़े वाहन के अब जुर्माना भरकर पुरानी व्यवस्था पर रोक लगाने से बजरी माफिया में हडक़ंप है। उधर, पुलिस और वन विभाग प्रशासन ने चिह्नित किए 16 से अधिक बजरी निकासी के रास्ते और घाटों पर निगरानी पैनी कर दी है।
पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक करीब 10 मुख्य घाटों के पास टैंट लगाकर हथियारबंद आरएसी के जवान तैनात कर दिए हैं। साथ ही कोतवाली, सदर, दिहौली, बाड़ी सदर, बसई डांग, कौलारी, राजाखेड़ा, सरमथुरा और सोने का गुर्जा पुलिस थानों को विशेष तौर पर इलाके में चंबल बजरी निकासी वालों रास्तों पर पेट्रोलिंग बढ़ा दी है। उधर, पुलिस ने जनवरी से 25 मई तक कार्रवाई कर 124 बजरी लदे वाहनों को जब्त कर 98 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान कुल 105 एफआइआर दर्ज की गई। जबकि बीते साल 2025 में कुल 246 मुकदमे दर्ज हुए थे। सख्ती के चलते शहर में अब बजरी के भाव तेजी से बढ़ रहे हैं। चंबल बजरी पर लगी पाबंदी के चलते बाजार में डस्ट और सिंध की रेत की मांग बढ़ी है। हालांकि, कोतवाली क्षेत्र समेत कुछ इलाकों में रात में कुछ बजरी लदे ट्रेक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही भी है।
अभी टैंट, फिर लगेंगे पोर्ट हट्स
चंबल नदी किनारे घाटों पर अवैध बजरी खनन रोकने और निगरानी रखने के लिए जाब्ते के लिए आगे पोर्ट हट्स लगाए जाएंगे। जिससे बारिश, गर्मी और सर्दी में आरएसी जवान को परेशानी न उठानी पड़े। अभी फिलहाल जिले में दस घाटों पर आरएसी के जवान लगाए हैं। इसमें आरएसी की एक कंपनी से पहले थी और दो प्लाटून और मिली है। इसके अलावा अन्य संसाधनों की मांग करते हुए पुलिस मुख्यालय और रेज आइजी कार्यालय को प्रस्ताव भिजवाए हैं।
पूरी साल 260 और पांच माह में 124 वाहन जब्त
अवैध बजरी खनन में कुछ समय से वाहन जब्ती संख्या में बढ़ी है। बीते साल 2025 में अवैध बजरी खनन परिवहन में 260 वाहन जब्त किए गए थे, जबकि इस साल 25 मई तक 124 वाहनों को पुलिस जब्त कर चुकी है। इसमें सर्वाधिक संख्या टे्रक्टर-ट्रॉलियोंं की है। इसके बाद डंपर और ट्रोला भी शामिल हैंं। मई तक पुलिस 105 एफआइआर दर्ज कर 98 जनों को हवालात में भेजा। वहीं, साल 2025 में 246 मुकदमे दर्ज कर 250 जनों को गिरफ्तार कर 260 अलग-अलग वाहन पकड़े थे। उधर, अवैध खनन मामले में पुलिस ने मई तक 84 मुकदमे दर्ज कर 90 जनों को गिरफ्तार कर 103 वाहनों को जब्त कर चुकी है।
जीपीएस को अभी समझाइश, फिर जब्त होंगे वाहन
उधर, खनन विभाग ने भी माइनिंग इलाके में खनिज को परिवहन कर रहे वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाने की अनिवार्यता कर दी है। खनन और वन विभाग के अधिकारी और काार्मिक इन दिनों जिले के समथुरा, बसेड़ी और बाड़ी इलाके में पत्थर व्यवसायियों को समझाइश कर रहे हैं। इसकी समय अवधि जून तक है और जीपीएस नहीं लगे तो फिर इ-रवन्ना भी नहीं बनेगा और वाहन जब्त होगा।
- सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना में जिले में दस घाटों को चिह्नित कर अस्थाई तौर पर आरएसी के जवान तैनात किए हैं। फिलहाल टैंट लगाए हैं लेकिन आगे स्थाई तौर पर व्यवस्था की जाएगी। अन्य संसाधनों के लिए पीएक्यू से मांग की गई है।
- विकास सांगवान, पुलिस अधीक्षक धौलपुर