26 मई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Dholpur: अमृत जलम् अभियान के तहत स्वच्छता प्रहरियों ने श्रमदान कर सरोवर को जीवित रखने का लिया संकल्प

dholpur, सरमथुरा. जल संरक्षण के लिए राजस्थान पत्रिका के अमृतं जलम् अभियान के अंतर्गत जिले में विभिन्न संस्थाओं, संगठन, विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों ने कुंड, बावड़ी, तालाब, पोखर इत्यादि जलाशयों की सफाई कर श्रमदान कर अपनी भागीदारी निभा रहे हैं। अभियान के अन्तर्गत सरमथुरा कस्बे में भी पत्रिका के अमृतं जलम् अभियान में बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी भागीदारी निभाई।

2 min read
Google source verification
Dholpur news

Dholpur news

dholpur, सरमथुरा. जल संरक्षण के लिए राजस्थान पत्रिका के अमृतं जलम् अभियान के अंतर्गत जिले में विभिन्न संस्थाओं, संगठन, विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों ने कुंड, बावड़ी, तालाब, पोखर इत्यादि जलाशयों की सफाई कर श्रमदान कर अपनी भागीदारी निभा रहे हैं। अभियान के अन्तर्गत सरमथुरा कस्बे में भी पत्रिका के अमृतं जलम् अभियान में बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी भागीदारी निभाई। कार्यक्रम में राजनैतिक दल, स्वयंसेवी संस्थाओं समेत अन्य लोगों ने यहां तालाब पर श्रमदान किया और एकत्र कचरे को डंपिंग यार्ड तक पहुंचाया गया। अभियान में तहसीलदार महेशसिंह चौहान ने जुडक़र पत्रिका के अभियान की सराहना की।

पत्रिका के आह्वान पर मंदिर सरोवर पर लोग जुटे और गंदगी से अटे सरोवर की सफाई की। किसी ने झाडू तो किसी ने फावड़ा, तसलिया संभाली। लोगों ने कचरा इक_ा कर डंपिंग यार्ड तक पहुंचाया गया। श्रमदान को लेकर लोगों का खासा उत्साह दिखा। इस दौरान स्वयंसेवी संस्थाओं व स्वच्छता प्रहरियों ने श्रमदान कर सरोवर से पॉलिथीन व पानी में व्यर्थ सामग्री को निकाल कर झाडियों की साफ सफाई की।

लोगों की अथक परिश्रम के बाद तालाब के आसपास का वातावरण स्वच्छ हो गया। अभियान में तहसीलदार महेशसिंह चौहान, मानव कल्याण जनसेवा समिति के सदस्यों सहित पूजा समिति व स्वच्छता प्रहरियों ने श्रमदान किया। इस दौरान सरोवर से करीब 5 टन से अधिक कचरे को निकाल दो ट्रेक्टर ट्रॉलियों के माध्यम से डंपिंग यार्ड तक पहुंचाया गया।

पाल टूटने से जल.स्तर घटा, जीर्णोंद्धार की दरकार

कस्बा में महाकालेश्वर सरोवर से लोगों की श्रद्धा और आस्था जुड़ी हुई हैं, लेकिन तीन साल से सरोवर की पाल टूटी पड़ी हुई है। पूजा सेवा समिति ने नगर पालिका प्रशासन को कई बार शिकायत की गई है लेकिन तीन साल गुजरने के बाद भी कोई कदम नही उठाया गया है। हालांकि नगरपालिका ने तालाब के जीर्णोद्धार के लिए प्रस्ताव बनाकर स्वायत्तता शासन विभाग को भेजा गया हैं। लेकिन कागजों में सिमट कर रह गया हैं।

अभियान से तालाब की बदली तस्वीर

यह अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं है। बल्कि यह जल संरक्षण, जन-जागरूकता और प्राकृतिक संसाधनों की पुनस्र्थापना का एक संकल्प है। जल की शुद्धता, आस्था और संस्कृति को बचाना भी हम सबका फर्ज है। लोगों ने कहा कि राजस्थान पत्रिका की यह पहल एक आदर्श बन सकेगी। हालांकि सरोवर की पौडिय़ों की कई सालों से सफाई भी नही हुई थी। जिसके कारण कचरे से अटी पड़ी थी। अभियान से तालाब की तस्वीर ही बदल गई। इस मौके पर तहसीलदार महेश सिंह चौहान, अग्रवाल समाज अध्यक्ष संजय अग्रवाल, रामगोपाल मीणा, नवनीत प्रिये त्रिपाठी, रवि गर्ग, अखलेश गर्ग, महेश गर्ग, विकास शर्मा, बाहिद खान, मुकुल गर्ग, संतोष जिंदल, खेमराज गोयल, दर्शनसिंह, नेमीचंद, अवधेश, पिन्टू, ब्रजेश, सूरज, अजय, संजू, कल्लू, देशराज, बंटी सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।

तालाब के संरक्षण का लिया संकल्प

महाकालेश्वर मंदिर तालाब पर श्रमदान करते हुए तहसीलदार चौहान ने स्वयसेवकों को संबोधित करते हुए उन्होंने जलाशयों के संरक्षण और संवर्धन के लिए लोगों को जागरूक होने की आवश्यकता हैं। उन्होंने कहा कि जलाशयों में पॉलिथीन एवं अनुपयोगी सामग्री को डालने से जल दूषित होने के साथ पर्यावरण प्रभावित होता है। वहीं सरोवर का अस्तित्व खत्म होता है। उन्होंने कहा कि हम सबने मिलकर जलाशयों को बचाने की इस पवित्र पहल का हिस्सा बनकर लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया।