धौलपुर. भीषण गर्मी के बावजूद जिंदगी सामान्य दिनों की तरह चल रही है, लेकिन तीखी धूप से बचाव के लिए लोग अलग-अलग जतन कर रहे हैं। झुलसाने वाली धूप से बचने के लिए लोग छाता से लेकर टोपी और स्कार्फ तक लगा रहे हैं।
धौलपुर. भीषण गर्मी के बावजूद जिंदगी सामान्य दिनों की तरह चल रही है, लेकिन तीखी धूप से बचाव के लिए लोग अलग-अलग जतन कर रहे हैं। झुलसाने वाली धूप से बचने के लिए लोग छाता से लेकर टोपी और स्कार्फ तक लगा रहे हैं। लेकिन इन सब पर साफी (कॉटन का कपड़ा) सभी की पंसद बनी हुई है।
बाजार में इन दिनों साफी की अच्छी खासी डिमांड है। वहीं हल्की सूती साफी की खासियत यह होती है कि यह गर्मी में पसीना को आसानी से सोखती है और सूरज की यूवी किरणों को परावर्तित कर शरीर को ठंडा रखती है। जबकि रंगीन कपड़ों में गर्मी अधिक रहती है। साफी इतनी लोकप्रिय है कि पहले किसान और ग्रामीण क्षेत्र में लोग इस्तेमाल करते थे लेकिन अब तो अधिकारी से लेकर आम व्यक्ति साफी से गर्मी का बचाव कर रहा है। गत दिनों बसेड़ी के गांव जारगा में सीएम विजिट के प्रस्तावित दौरे के दौरान जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी भी साफी सिर पर डाल कर निरीक्षण करते नजर आए।
बाजार में 100 से 250 रुपए तक साफीधौलपुर शहर में वस्त्र विक्रेता साफी रखते हैं। बाजार में करीब 100 रुपए से 250 रुपए तक की कीमत की साफी है। इसमें कॉटन की 100 रुपए की साफी अधिकतर बिक्री होती है। यह २ से सवा दो मीटर में उपलब्ध रहती है। हालांकि, अब बाजार में भगवा समेत अन्य रंगीन साफी भी आ रही हैं लेकिन सफेद की डिमांड अधिक रहती है। दुकानदार सोबित अग्रवाल ने बताया कि गर्मी के दिनों में एक दिन में करीब 8से 10 साफी बिक जाती है। बताया कि साफी ज्यादातर आगरा और ग्वालियर के बाजार से आ रही है। धौलपुर और आसपास साफी कहते हैं तो यूपी में इसको गमछा कहा जाता है।
लपट के साथ बचाती है धूल-मिट्टी से
इन दिनों गर्म हवा चल रही है। स्थानीय भाषा में लपट या लू कहा जाता है, जिससे बचने के लिए भी साफी कारगार साबित होती है। लोग घर से बाहर निकलते ही साफी से सिर और चेहरा को ढक लेते हैं और फिर आराम मंजिल की तरफ निकल जाते हैं। वहीं, सिर पर बांधने से गर्मी सीधे असर नहीं करती है और लू से बचाती है। साथ ही दिन में उडऩे वाली धूल से भी सुरक्षित रखती है। वहीं, गर्मी अधिक है तो ठंडे पानी से भिगो कर सिर पर रखने से फौरी राहत मिलती है। कई दफा तो लोग गीला कर चेहरे पर ढाल कर झपकी भी मार लेते हैं।
गर्मी में कॉटन कपड़े की बढ़ रही मांग
गर्मी के दिनों में कॉटन कपड़े की मांग बढ़ जाती है। वजह ये है कि यह हल्का होने से गर्मी में राहत देता है। कॉटन के कपड़े की तीन चार वैरायटी रहती है। जिसमें 100 फीसदी कॉटन को केमरिक कॉटन के नाम से जाना जाता है। इसकी बनावट थोड़ा मोटा होता है, साथ ही बाजार में लिजिबीजी, समर कूल, रियोंन आदि वैरायटी उपलब्ध हैं। वहीं, बाजार में रियोंन के सूट की डिमांड है। मिक्स कॉटन चल रहा है। जिसमें सिंथेटिक को मिलाया जाता है लेकिन इसमें गर्मी लगती है। धौलपुर निवासी टोनी यदुवंशी ने बताया कि वह ड्यूटी पर बसेड़ी जाते हैं तो कॉटन साफी लेकर निकलते हैं। यह गर्मी में बचाव करती है।