धौलपुर

अन्नपूर्णा रसोई पर आर्थिक संकट, संचालकों का 8 महीने से रूका भुगतान

धौलपुर. राज्य सरकार ने नाम बदल कर अन्नपूर्णा रसोई योजना में भोजन की थाली पर भले ही अनुदान बढ़ा दिया है। लेकिन रसोई घर संचालकों को 8 माह से भुगतान नहीं मिला है।

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धौलपुर. राज्य सरकार ने नाम बदल कर अन्नपूर्णा रसोई योजना में भोजन की थाली पर भले ही अनुदान बढ़ा दिया है। लेकिन रसोई घर संचालकों को 8 माह से भुगतान नहीं मिला है। जरूरतमंदों को दोनों समय गर्म और पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाने वाली अन्नपूर्णा रसोइयां आर्थिक समस्याओं से जूझ रहीं हैं।

धौलपुर शहर, राजाखेड़ा, बाड़ी, बसेड़ी, सरमथुरा शहरी क्षेत्रइ में विभिन्न इलाकों में अन्नपूर्णा रसोई संचालकों को आठ महीनें से भुगतान नहीं मिला है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे संचालकों का बाजार से उधारी में राशन सामग्री लाकर लोगों को खाना खिलाना पड़ रहा है। महीनों से चल रहे उधारी के ढर्रे से अब दुकानदार भी रसोई संचालकों को राशन सामग्री देने से कतराने लगे हैं। रसोई का संचालक करने के लिए अब संचालकों को भुगतान नहीं मिलने से वह सोमवार को जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी से मिलने के लिए आधा दर्जन रसोई संचालक पहुंचे। उन्होंने बताया कि 8 रुपए में जरुरतमंद लोगों को भोजन कराने पर अनुदान राशि व अन्य खर्चों का प्रति माह करीब एक से 1.25 लाख रुपए का भुगतान बनता है। रसोई संचालकों का कहना है कि उन्हें आठ महीनें से भुगतान नहीं मिला है। नगर परिषद व नगर पालिका ने भुगतान नहीं किया है। ज्ञापन देने वाले बबलू शर्मा, इंद्रजीत शर्मा, प्रशांत शर्मा, बंटी तोमर, अजय राजावत आदि रसोई संचालक मौजूद थे।

कार्मिकों को नहीं मिल रहा पारिश्रमिक

अनुदान राशि का भुगतान नहीं मिलने से अन्नपूर्णा रसोइयों में कार्यरत कार्मिकों को भी पारिश्रमिक के लाले पड़ रहे हैं। रसोईयों में भोजन व अन्य व्यवस्था के लिए महिला रसाईया, बर्तन धोने, सफाई व कम्प्यूटर ऑपरेटर का भी भुगतान नहीं हो रहा है। रसोई संचालकों का कहना है। कि बजट मिले तो सभी कार्मिकों का भुगतान करें।

Published on:
10 Jul 2024 07:20 pm
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