-सरमथुरा में सघन गश्त के लिए चार टीमें तैनात, पिकअप, ट्रक व हाइड्रा जप्त dholpur, सरमथुरा. जिले में अवैध खनन रोकने के लिए वनविभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। उपवन संरक्षक धौलपुर वी चेतन कुमार ने जिले में अवैध खनन रोकने के लिए एसीएफ चेतराम मीणा की निगरानी में रेपिड रेस्पांस टीम का […]
-सरमथुरा में सघन गश्त के लिए चार टीमें तैनात, पिकअप, ट्रक व हाइड्रा जप्त
dholpur, सरमथुरा. जिले में अवैध खनन रोकने के लिए वनविभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। उपवन संरक्षक धौलपुर वी चेतन कुमार ने जिले में अवैध खनन रोकने के लिए एसीएफ चेतराम मीणा की निगरानी में रेपिड रेस्पांस टीम का गठन कर क्षेत्रीय वन अधिकारी प्रथम अरूण कुमार सोनी को प्रभारी व क्षेत्रीय वन अधिकारी राजाखेड़ा चौथमल को सहप्रभारी नियुक्त किया है।
रेंजर देवेन्द्र सिंह चौधरी ने बताया कि जिले में अवैध खनन रोकने के लिए वनविभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। उपवन संरक्षक वी चेतन कुमार ने सरमथुरा रेंज में गश्त व्यवस्था को प्रभावी बनाते हुए चार टीमों को तैनात किया गया है। जो वन क्षेत्र में सघन गश्त करते हुए अवैध खनन रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दे रही है। रेंजर ने बताया कि वनविभाग ने अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जंगल से एक पिकअप, ट्रक व एक हाइड्रा मशीन को जप्त किया गया है। रेंजर ने बताया कि संभाग के करौली, धौलपुर, सवाईमाधोपुर व भरतपुर की टीमें वनक्षेत्र में सघन गश्त कर अवैध खनन पर अंकुश लगाने का प्रयास कर रही है। विभाग द्वारा रीझौनी वनखंड के वनक्षेत्र से चोरीछिपे लकड़ी का परिवहन करते हुए एक पिकअप को जप्त करने में सफलता मिली है। इसीप्रकार हरियापुरा के जंगल से वन उपज की चोरी करने की नीयत से खड़े ट्रक व अवैध खनन में लिप्त हाइड्रा मशीन को जप्त किया गया है।
-वनविभाग ने अवैध खनन रोकने 70 कार्मिक:
सरमथुरा में वनविभाग ने अवैध खनन रोकने के लिए करौली, धौलपुर, सवाईमाधोपुर व भरतपुर से 70 से अधिक कार्मिकों को लगाया हुआ है। वनविभाग ने अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस पर काम करते हुए अवैध खनन माफियाओं को चिन्हित करना भी शुरू कर दिया गया है। साथ ही कार्मिकों की संलिप्तता मिलने पर सख्त कार्रवाई की नसीहत दी गई है। वनविभाग की कार्रवाई से हडकंप मचा हुआ है।
-चंबल से बजरी खनन रोकने में विफल वनविभाग:
राष्ट्रीय घड़ियाल अभ्यारण अंतर्गत चंबल नदी के दुर्गसी घाट से अवैध बजरी खनन रोकने में वनविभाग विफल साबित हो रहा है। चंबल नदी के दुर्गसी घाट से रोजाना दर्जनों ट्रेक्टर ट्रॉलियों के माध्यम से अवैध चंबल बजरी को दोहन किया जा रहा है। फिर भी वनविभाग के अधिकारियों ने आंखें बंद किया हुआ है, जबकि तीन माह पूर्व झिरी में बजरी माफियाओं ने एक वनकर्मी को कुचलकर घायल कर दिया गया था। जिसकी जयपुर में उपचार के दौरान मौत हो गई थी।