धौलपुर

Dholpur: महाकाल मंदिर पर उमड़ा का भक्तों का सैलाब

सरमथुरा कस्बे का भगवान महाकाल मंदिर सैकड़ों भक्तों की अटूट आस्था, अनंत शक्ति और विश्वास का प्रतीक हैं। रविवार को बहन-बेटियों ने अपने बच्चों सहित महाकाल बाबा के दरबार में मत्था टेका और रक्षा डोर पहनी। वहीं घर-घर से महाकाल बाबा का पूजन करने महिलाएं पहुंची। भक्तों ने उत्तरप्रदेश के सोरों से कांवड लाकर महाकाल भगवान का गंगाजल से अभिषेक किया।
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सरमथुरा. मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु।

Dholpur: जिले के सरमथुरा कस्बे का भगवान महाकाल मंदिर सैकड़ों भक्तों की अटूट आस्था, अनंत शक्ति और विश्वास का प्रतीक हैं। भगवान महाकाल के दर्शन मात्र से भक्तों को बल ही नहीं मिलता है, बल्कि क्षेत्र की खुशहाली और लोगों में श्रद्धा का भाव जागृत होता है। यही नहीं भगवान महाकाल मंदिर से प्राचीन विरासत के साथ साथ लोगों के विश्वास की अटूट आस्था जुड़ी हुई है, जिसे आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

नवनिर्वाचित चेयरमैन रामकला ने परिवार सहित वैदिक मंत्रों के साथ विधि विधान से महाकाल भगवान की पूजा अर्चना की और ध्वजा चढ़ाकर भगवान महाकाल से इलाके की खुशहाली की कामना की। चेयरमैन प्रतिनिधि गिर्राजसिंह गुर्जर ने कहा कि देवए मानव और दानव सबके गुरु भगवान महाकाल है। उन्होंने कहा कि शिव ज्ञानए तपए योगए वैराग्य और सत्य के सर्वोच्च प्रतीक हैं। उन्होंने भगवान महाकाल की महिमा बताते हुए कहा कि भगवान का स्वरूप निराकार और साकार दोनों है। शिव ने समय आने पर ही सृष्टि की उत्पत्ति की वहीं पालन और संहार दोनों किया। इसलिए भगवान महाकाल के दरवार में बहन.बेटियां बच्चों की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य की मंन्नत मांगते हुए रक्षासूत्र बांधती है।

गौरतलब है कि भाद्र शुक्ला अष्टमी से सात दिवसीय मेले की शुक्रवार होती है। महाकाल मेला करीब सौ साल पुराना है, महाकाल के भक्तों ने सौ साल बाद भी सांस्कृतिक विरासत को संजोकर रखा हुआ है। मेले का आयोजन नगरपालिका की ओर से किया जाता है लेकिन इस वर्ष निकाय चुनाव आचार संहिता व धौलपुर-करौली टाइगर सेंचुरी के विरोध में चल रहे आन्दोलन के कारण प्रशासन ने मेले को स्थगित करने का निर्णय किया है।

इस मौके पर पूर्व सरपंच केदारसिंह मीणा, देवेन्द्र फागना, संजय अग्रवाल, सूआलाल गर्ग, भोलासिंह जादौन, गजानंद सोनी, राधेश्याम गर्ग, प्रयागसिंह जादौन, द्वारिका प्रसाद मिश्र, हरीचरन शर्मा, संतोष मंगल, भूदेव शर्मा, गोपालसिंह जादौन, राधेश्याम गर्ग, बंटी यादव, सुभाष झा सहित सैकड़ों महाकाल बाबा के भक्त मौजूद थे।

सोरों से कांवड लाकर गंगाजल से किया अभिषेक

मान्यता के अनुसार रविवार को बहन-बेटियों ने अपने बच्चों सहित महाकाल बाबा के दरबार में मत्था टेका और रक्षा डोर पहनी। वहीं घर-घर से महाकाल बाबा का पूजन करने महिलाएं पहुंची। भक्तों ने उत्तरप्रदेश के सोरों से कांवड लाकर महाकाल भगवान का गंगाजल से अभिषेक किया। मेले में लोगों की सुरक्षा व यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए थाना पुलिस के जवान तैनात थे।

Updated on:
20 Sept 2026 07:18 pm
Published on:
20 Sept 2026 07:18 pm