सैंपऊ उपखंड क्षेत्र में रविवार को तसीमो माइनर की पटरी ओवरफ्लो होकर टूट गई। जिससे किसानों की कई बीघा में खड़ी फसल जलमग्न हो गई। जैसे ही किसानों को माइनर की पटरी टूट कर खेतों में पानी भरने की भनक लगी तो बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे जहां गेहूं और सरसों की फसल पानी में डूबी मिली। गुस्साए किसानों ने सिंचाई विभाग के खिलाफ रोस जताया।
dholpur, सैंपऊ उपखंड क्षेत्र में रविवार को तसीमो माइनर की पटरी ओवरफ्लो होकर टूट गई। जिससे किसानों की कई बीघा में खड़ी फसल जलमग्न हो गई। जैसे ही किसानों को माइनर की पटरी टूट कर खेतों में पानी भरने की भनक लगी तो बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे जहां गेहूं और सरसों की फसल पानी में डूबी मिली। गुस्साए किसानों ने सिंचाई विभाग के खिलाफ रोस जताया। सूचना के बाद पहुंचे विभाग के अधिकारियों ने माइनर को बंद किया।
किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने माइनर में पानी छोडऩे से पहले उचित तरीके से सफाई नहीं कराई गई। विभाग के अधिकारियों की अनदेखी का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा है। पानी का दबाव बढऩे से तसीमो माइनर की कच्ची पटरी नंदपुरा के समीप टूट गई। किसान घूरे ने बताया कि नहर में लंबे समय से घास फूस उगने के अलावा जर्जर हालत में पड़ी हुई थी। उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कई बार शिकायत दी गई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते नहर की सफाई कर दी जाती, तो किसानों की फसलों को नुकसान से बचाया जा सकता था।