
Dholpur, सरमथुरा. राज्य के नगरीय निकाय क्षेत्रों में आग की घटनाएं दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। आग की घटनाओं को नगर पालिका प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए स्कूल, लाइब्रेरी, मैरिज गार्डन, होटल, रेस्टोरेंट, अस्पताल व व्यवसायिक बड़ी इमारतों में फायर एनओसी अनिवार्य कर दी है। नगर पालिका प्रशासन ने भवन मालिकों को नोटिस जारी कर अनाधिकृत भवनों की वैध फायर एनजीओ के लिए तत्काल आवेदन करने के लिए हिदायत दी गई है।
अधिशासी अधिकारी विमलेश मीणा ने बताया कि स्वायत्त शासन विभाग के आदेशानुसार आग की घटनाओं को देखते हुए जन-धन की सुरक्षा एवं आग की घटनाओं को रोकने के लिए नगर पालिका क्षेत्र में बिना फायर एनओसी के भवनों में संचालित स्कूल, लाइब्रेरी, होटल, रेस्टोरेंट, मैरिज गार्डन सहित अस्पताल व व्यवसायिक बड़ी इमारतों के संचालकों को नोटिस जारी कर फायर एनओसी के लिए आवेदन करने के लिए पाबंद किया गया है। उन्होंने बताया कि स्वायत्त शासन विभाग के निर्देशानुसार भवन मालिकों को सात दिवस की समय अवधि में नोटिस की पालन नहीं करने पर भवन को सीज करने की नसीहत दी गई है।
अधिशासी अधिकारी मीणा ने बताया कि राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 337 एवं सपठित धारा 225 की शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार ने फायर सेफ्टी प्रमाण-पत्र/फायर एनओसी देने का प्रावधान किया हुआ है। भवन मालिक को भवन के कागजात विभागीय पोर्टल पर अपलोड कर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
अग्निशमन प्रभारी अशोक मीणा ने बताया कि अग्नि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भवन मालिकों को भवनों में अग्निशमन, अग्नि सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं तथा अग्नि सुरक्षा यंत्र सहित स्मोक डिटेक्टर, स्प्रिंकलर, एमसीबी हूटर, फायर अलार्म इत्यादि की व्यवस्था करने को निर्देशित किया गया है। उन्होंने बताया कि नगरीय क्षेत्र में स्थित ऐसे अनुमोदित, गैर अनुमोदित निर्मित भवन, परिसर, भवन परिसर का भाग जिनका उपयोग छात्रावास, पीजी, गेस्टहाउस, धर्मशाला, अपार्टमेंट, होटल, रेस्टोरेंट, स्कूल, लाइब्रेरी, अस्पताल, व्यवसायिक बड़ी इमारतें, बेसमेंट जिसमें गैर आवासीय गतिविधियां संचालित होती है। जिनकी फायर एनओसी लेना अनिवार्य होगा।
इन भवनों की एनओसी अनिवार्य
स्वायत्त शासन विभाग की गाइडलाइन अनुसार 9 मीटर से अधिक ऊंचाई अथवा सकल क्षेत्रफल 250 वर्गमीटर से अधिक होने पर व्यावसायिक भवनों को फायर एनओसी लेनी होगी। होटल और गेस्ट हाउस भी इस दायरे में आते हैं। स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, संस्थागत और वाणिज्यिक भवनों के लिए नौ मीटर से अधिक ऊंचाई या तीन अथवा अधिक मंजिल होने पर फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट जरूरी है।