
धौलपुर. प्रदेश के जैसलमेर में चलती एसी बस में आग लगने ने हर किसी को झकझोर दिया। इस घटना के बाद अब परिवहन एवं सडक़ सुरक्षा विभाग हरकत में दिखा। राष्ट्रीय राजमार्ग समेत अन्य मार्गो ंपर स्लीपर कोच बसों की जांच की गई। विभाग ने जांच करते हुए डेढ़ दर्जन से अधिक बसों के चालान कर उन्हें सीज किया है। बता दें कि धौलपुर से गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 44 और एनएच 11बी से रात्रि के समय बड़ी संख्या में स्लीपर बसें जयपुर के लिए गुजरती हैं। साथ ही कई बसें धौलपुर से संचालित होती हैं। इन बसों की बॉडी को संचालकों अपने मुताबिक बना रखा है और इनमें सुरक्षा को लेकर कई खामियां हैं। लेकिन इसके बाद भी यह सडक़ों पर दौड़ रही हैं।
वहीं, शासन सचिव एवं आयुक्त परिवहन एवं सडक़ सुरक्षा विभाग जयपुर के निर्देशानुसार जिले में पंजीकृत एवं संचालित होने वाली समस्त स्लीपर बसों की जांच शुरू की है। जिसमें आईएस 52/119 मानकों के अनुरूप बसों की बॉडी की बनावट ना होने, बसों में इमरजेंसी गेट, अग्निशमन यंत्र स्लीपर एवं सीटिंग कैपेसिटी नियमानुसार नहीं होने एवं परमिट के उल्लंघन में संचालित ऐसी सभी बसों का चालान बनाकर उनको सीज किया जा रहा है। जिला परिवहन अधिकारी गौरव यादव ने बताया कि कार्यालय के उडऩदस्ते द्वारा ऐसी डेढ़ दर्जन से अधिक बसों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए सीज किया गया है। एसी बसें जो जिनकी बॉडी नियमानुसार नहीं पाई गई है, उनकी आरसी निलंबन की तैयारी भी प्रारंभ कर दी गई है।
गुलाब बाग से दौड़ रहीं वैन, इन्हें कौन जांचेगा...
इधर, शहर के व्यस्त चौराहे गुलाब बाग से बड़ी संख्या में दिनभर धौलपुर-मुरैना के बीच वैन दौड़ती हैं। ये यातायात पुलिस के प्वाइंट के सामने से संचालित होती है लेकिन इनकी जांच तो दूर इन्हें टोका भी नहीं जाता। जबकि इन वैनों में तय सीमा से अधिक सवारी होती है। साथ ही इनकी डिजायन को अंदर से बदल दिया गया है। प्वाइंट से संचालित वैनों को न तो ट्रेफिक पुलिस और न ही परिवहन विभाग जांचता है। जबकि यह वैन लम्बे समय से दौड़ रही हैं।