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Dholpur: शहर में भव्यता के साथ निकली भगवान परशुराम की शोभायात्रा

धौलपुर शहर में भगवान परशुराम शोभायात्रा समिति द्वारा आयोजित भगवान परशुराम की भव्य एवं ऐतिहासिक शोभायात्रा श्रद्धा, उत्साह के साथ संपन्न हुई।
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धौलपुर

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Naresh Kumar Lawaniyan

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Updated: 23 Jun 2026, 6:07 PM IST

Dholpur news

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धौलपुर. भगवान परशुराम जन्मोत्सव के पावन अवसर पर भगवान परशुराम शोभायात्रा समिति आयोजित भगवान परशुराम की भव्य एवं ऐतिहासिक शोभायात्रा श्रद्धा, उत्साह के साथ संपन्न हुई। शोभायात्रा में धौलपुर जिले सहित राजस्थान, उत्तर प्रदेश एवं मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों श्रद्धालु, विप्र बंधु, मातृशक्ति एवं युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए।

कार्यक्रम का शुभारंभ महात्मानंद की बगीची के पास स्थित निजी वाटिका में भगवान परशुराम की पूजन-अर्चन, वैदिक मंत्रोच्चार एवं संत-महात्माओं के पावन सान्निध्य में हुआ। इस अवसर पर संत पागल बाबा, कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर, हनुमान दास महाराज, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा, पूर्व जिला प्रमुख पंडित किशनचंद शर्मा, पूर्व विधायक बाड़ी गिर्राज सिंह मलिंगा, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी रानू पाराशर सहित अनेक विशिष्ट अतिथि मंचासीन रहे। कार्यक्रम में भगवान परशुराम शोभायात्रा समिति ने संत-महात्माओं, अतिथियों, विभिन्न क्षेत्रों से विप्र बंधुओं का अभिनंदन किया।

कथावाचक ठाकुर ने कहा कि भगवान परशुराम केवल किसी एक समाज के नहीं, बल्कि संपूर्ण सनातन संस्कृति के गौरव एवं धर्मरक्षा के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि जब समाज अपने महापुरुषों के आदर्शों को जीवन में उतारता है, तभी राष्ट्र सशक्त बनता है। संंत पागल बाबा ने कहा कि भगवान परशुराम का जीवन त्याग, तपस्या, शौर्य एवं धर्म स्थापना का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने समाज को प्रेम, सद्भाव एवं भाईचारे के साथ संगठित होकर धर्म एवं संस्कृति की रक्षा के लिए कार्य करने का संदेश दिया। हनुमान दास ने कहा कि भगवान परशुराम का जीवन धर्म, तप, त्याग एवं राष्ट्र समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण है। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष दाधीच ने कहा कि भगवान परशुराम का जीवन अन्याय के विरुद्ध संघर्ष, सत्य की स्थापना तथा राष्ट्रधर्म के पालन का प्रेरणादायी संदेश देता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना एवं राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में ऐसे आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

शोभायात्रा में संरक्षक श्रीनिवास शर्मा, रामगोपाल शर्मा, राजेश शर्मा, संजय दीक्षित, प्रमोद शर्मा, राजेंद्र शर्मा, सतीश दीक्षित, बनवारी शर्मा, शिवराज खलीफा, नंदकिशोर शुक्ला, नरेंद्र शर्मा, नरेंद्र पाराशर, प्रमोद भारद्वाज, रामदत्त शर्मा, राहुल शर्मा, सुनील जगरिया, प्रशांत तिवारी, संजीव मिश्रा, विनोद तिवारी, प्रशांत शर्मा, बंटी शर्मा, अभिषेक हुंडावाल, मनीष शर्मा, योगेश शर्मा, हरेन्द्र हनी गुधैनिया, अभिषेक तिवारी, बांसुरी शर्मा, जयप्रकाश शर्मा, संदीप शर्मा, जीतू शर्मा, राहुल राणा, श्रीभगवान त्यागी, संतोष त्यागी, पंकज त्यागी समेत अन्य मौजूद रहे। समापन पर भगवान परशुराम शोभायात्रा समिति के अध्यक्ष मुकेश शर्मा एवं शोभायात्रा संयोजक हरी निवास प्रधान ने सभी का आभार जताया।

भव्य डोला रहे आकर्षण का केन्द्र

शोभायात्रा में तीन भव्य बैंड, छह आकर्षक एवं मनमोहक धार्मिक सांस्कृतिक झांकियां तथा भगवान परशुराम का अलौकिक एवं भव्य डोला श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे। बैंड की मधुर धुनों, वैदिक मंत्रोच्चार एवं भगवान परशुराम के जयघोषों से संपूर्ण नगर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा। शोभायात्रा गंगाबाई की बगीची से पुराना शहर, हरदेव नगर, सराय, लाल बाजार, पुरानी सब्जी मंडी, तोप तिराहा एवं संतर रोड मार्ग से होती हुई अपने निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार देर रात्रि संतर रोड स्थित अंबाजी मंदिर पहुंची। वहां भगवान परशुराम के डोले की विशेष पूजा-अर्चना, महाआरती एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। शहर में कई स्थानों पर शोभयात्रा का स्वागत और पुप्पवर्षा की गई।