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Dholpur: खिलाडिय़ों के लिए एक मात्र खेल मैदान की हो रही दुर्दशा, दर्शक दीर्घा का हाल खराब

इन दिनों शहर के इन्दिरा गांधी स्टेडियम का हाल खराब है। मैदान पर धूल के गुबार उड़ते नजर आ जाएंगे। साथ ही दर्शक दीर्घा के पीछे झांडिय़ां और गंदगी का ढेर लगा है, जिसकी लम्बे समय से सफाई तक नहीं हुई है।
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धौलपुर

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Naresh Kumar Lawaniyan

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Updated: 21 Jun 2026, 7:40 PM IST

Dholpur news

धौलपुर. सरकार एक तरफ स्पोट्र्स गतिविधियां बढ़ाने को लेकर जोर-शोर से प्रचार कर रही है तो दूसरी तरफ जिले का सबसे पुराना मैदान इन्दिरा गांधी स्टेडियम (बड़ी फील्ड) की दिनोंदिन दुर्दशा हो रही है। स्टेडियम पर समय-समय पर खेल विभाग और नगर परिषद प्रशासन दावा करते हैं लेकिन स्टेडियम में कामकाज के समय जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं।

वर्तमान में इन्दिरा गांधी स्टेडियम का हाल खराब है। मैदान पर धूल के गुबार उड़ते नजर आ जाएंगे। साथ ही दर्शक दीर्घा के पीछे झांडिय़ां और गंदगी का ढेर लगा है, जिसकी लम्बे समय से सफाई तक नहीं हुई है। वहीं, स्टेडियम में इंडोर स्टेडियम निर्माण कार्य के दौरान गत दिनों मुख्य गेट के फेरोकवर क्षतिग्रस्त हो गए। इससे पहले साइड के नाले की सफाई के दौरान दीवार तोड़ दी गई, जिसके बाद अभी तक किसी ने सुध तक नहीं ली है।

स्टेडियम नहीं, पर ओपन जिम लगा दी

नगर परिषद एक तरफ इन्दिरा गांधी स्टेडियम खेल विभाग के पास होने का दावा करती है। लेकिन मैदान पर एक तरफ ओपन जिम के उपकरण यहां पर नगर परिषद की ओर से लगाए गए हैं। इसी तरह दीपावली के त्योहार के समय भी जिला प्रशासन और नगर परिषद की ओर से मैदान का इस्तेमाल होता है। यहां पर त्योहार पर आतिशबाजी के लिए स्टॉल लगाने लिए जगह आवंटित होती है। इसी तरह मैदान पर हाट समेत अन्य मेला इत्यादि के भी आयोजन होते हैं। उस समय आसानी से स्वीकृति दे दी जाती है। लेकिन स्टेडियम की मरम्मत और सफाई कार्य को लेकर पल्ला झाड़ लिया जाता है। वहीं, खेल विभाग प्रशासन भी स्टेडियम को लेकर स्पष्टतौर करने से बचता है।

पवेलियन की रैलिंग टूटी, टाइल्स भी खराब

स्टेडियम मेें एक तरफ दर्शकों के बैठने के लिए पवेलियन बना हुआ है। लेकिन दर्शक दीर्घा में लम्बे अर्से से मरम्मत कार्य नहीं होने से धीरे-धीरे इसकी हालत खराब हो रही है। दर्शक दीर्घा में सामने की तरफ रैलिंग गायब है, जिससे यहां मैच देखने के दौरान जरा भी ध्यान चूका तो हादसा हो सकता है। लेकिन इसके बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। साथ ही दर्शक दीर्घा में लगे पत्थर भी कुछ स्थानों से टूट चुके है। नीचे की तरफ खिलाडिय़ों के लिए बने कमरों की भी हालत ज्यादा अच्छी नहीं है। खिलाडिय़ों बस जैसे तैसे काम चल रहा है। इसी दर्शक दीर्घा के साइड में गंदगी का ढेर लगा हुआ है।

लापता की स्थिति में खेल विभाग...

उधर, खेल विभाग वर्तमान में लापता जैसी स्थिति में है। वर्तमान में यहां एक स्थाई कार्मिक है। जबकि जिला खेल अधिकारी पर लगाए अशोक सिंह का एक साल का कांट्रेक्ट समाप्त होने पर उनकी सेवाएं पूर्व में बंद हो चुकी हैं। वहीं, विभाग में एक सेवानिवृत बाबू यहां पत्रावली और सरकार के पत्रों के जवाब देने के लिए लगे हुए हैं। जबकि खेल गतिविधियां को लेकर कोई जिम्मेदार व्यक्ति नहीं है। इसी का नतीजा था कि पंच गौरव के तहत हॉकी खेल के लिए आए लाखों रुपए का समय से उपयोग नहीं हो पाया और बिना खर्च की बजट लैप्स हो गया। जबकि हॉकी खेल के संसाधनों पर करीब 50 लाख रुपए खर्च होने थे।

बारिश में ओवरफ्लो का आता है गंदा पानी

उधर, जैसे ही मानसून सक्रिय होगा तो बड़ी फील्ड मैदान की हालत किसी स्वीमिंग पूल से कम नहीं होगी। यहां नाले के गंदे पानी का जलभराव हो जाता है। पीछे भामतीपुरा रोड की तरफ नाला जाम होने और ओवरफ्लो होने पर गंदा पानी स्टेडियम में अंदर घुस जाता है, जो लम्बे समय तक बना रहता है। वहीं, बरसाती पानी निकासी के लिए भी स्टेडियम में कोई ड्रेनेज सिस्टम तक नहीं है। बारिश के दिनों में यहां स्पोट्र्स की गतिविधियां करीब-करीब थम जाती है। हॉकी संघ के सचिव संदीप राना ने बताया कि बारिश और नाले का गंदा पानी आने से स्टेडियम की स्थिति बिगड़ जाती है। यह समस्या कई सालों से है लेकिन किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। आखिर में भुगतना खिलाडिय़ों को होता है।

- इन्दिरा गांधी स्टेडियम खेल विभाग का है। सफाई कार्य नहीं हुआ तो दिखवा सफाई करवा दी जाएगी। फेरोकेवर क्षतिग्रस्त होने के मामले में संबंधित संवेदक से बात करेंगे।

- गुमान सिंह सैनी, कार्यवाहक आयुक्त नगर परिषद धौलपुर